सीजी भास्कर, 20 मार्च। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में लिपिक पदोन्नति को लेकर गंभीर अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप (CG Health Department Scam) सामने आए हैं। बिलासपुर संभाग में हुई इस कार्रवाई को लेकर विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों पर गंभीर आरोप
संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर डॉ. अनिल गुप्ता समेत पदोन्नति समिति के सदस्यों और स्थापना शाखा के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को दरकिनार कर अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नति दी। शिकायत में दावा किया गया है कि पूरी प्रक्रिया में हेरफेर कर कुछ कर्मचारियों को फायदा पहुंचाया गया।
प्रतीक्षा सूची में गड़बड़ी का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार 16 फरवरी 2026 को जारी प्रतीक्षा सूची और 17 मार्च 2026 को जारी पदोन्नति आदेश (CG Health Department Scam) में भारी विसंगतियां हैं। आरोप है कि जावक क्रमांक में बदलाव कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध बन गई है।
नियमों की अनदेखी कैसे हुई?
नियमों के मुताबिक पदोन्नति से पहले कर्मचारियों के चरित्र प्रमाण पत्र और चल संपत्ति का विवरण अनिवार्य होता है। लेकिन आरोप है कि जिन कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई, उनके दस्तावेज ना तो मांगे गए और ना ही प्रारंभिक सूची में उनके नाम शामिल थे।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
बताया जा रहा है कि इसी समिति और अधिकारियों पर पहले भी पदोन्नति में नियम उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। इस संबंध में जांच पहले से लंबित है, बावजूद इसके नई पदोन्नति प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
अपात्र कर्मचारियों को मिला लाभ
शिकायत में कुछ ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें नियमों के अनुसार पदोन्नति नहीं मिलनी चाहिए थी, फिर भी उन्हें लाभ दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची शिकायत
मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल (CG Health Department Scam) से की गई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारी ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब
जब इस मामले में संबंधित अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने लिखित में जानकारी देने की बात कहकर फोन काट दिया और बाद में कोई जवाब नहीं दिया।
अब आगे क्या?
इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो बड़े स्तर पर कार्रवाई संभव है।


