सीजी भास्कर, 24 मार्च। रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी हलचल के बीच कुख्यात नक्सली कमांडर Papa Rao के संभावित आत्मसमर्पण की खबर ने सुरक्षा तंत्र और सियासी हलकों में चर्चा तेज (Papa Rao Surrender Bastar) कर दी है। इस घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य में नक्सलवाद अब निर्णायक मोड़ पर है और इसकी कमर टूट चुकी है।
सीएम साय का दावा अभियान के दिख रहे असर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में चल रहे अभियान ने अब जमीन पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने Narendra Modi और Amit Shah के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिए समन्वित रणनीति बनाई गई है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।
तय समयसीमा से पहले बढ़ी हलचल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 की समयसीमा नजदीक आते ही बड़े नक्सली नेताओं में सरेंडर की प्रवृत्ति बढ़ी है। उनका मानना है कि यह सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और दबाव का परिणाम है।
इंद्रावती क्षेत्र में सक्रिय हुई सुरक्षा टीम
सूत्रों के मुताबिक, Indravati National Park इलाके में सुरक्षा बलों की टीम सक्रिय हो चुकी है। पापा राव से बातचीत के बाद सरेंडर की स्थिति बनी है और उसे जल्द ही जगदलपुर लाया जा सकता है।
25 लाख का इनामी, कई बड़े पदों पर रहा
जानकारी के अनुसार, पापा राव पर करीब 25 लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का अहम सदस्य रहा है। बताया जा रहा है कि वह अपने करीब 17 साथियों के साथ हथियारों समेत आत्मसमर्पण कर सकता है।
नक्सल मोर्चे पर बड़ा संकेत
पापा राव जैसे बड़े नक्सली कमांडर का सरेंडर यदि होता है, तो इसे बस्तर में नक्सल नेटवर्क के कमजोर पड़ने का बड़ा संकेत माना जा रहा है। सरकार इसे अपनी नीति और सुरक्षा रणनीति की सफलता के रूप में देख रही है, वहीं आने वाले दिनों में और बड़े सरेंडर की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।


