सीजी भास्कर, 24 मार्च। देश के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक – जनगणना – की तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर तेज (Census 2027 India) हो गई हैं। Ministry of Home Affairs और Registrar General of India के निर्देशों के बाद कोरबा जिले में सख्त प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है कि 23 मार्च से 10 जून 2026 तक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूर्णतः रोक रहेगी।
क्यों लगाया गया अवकाश प्रतिबंध?
यह फैसला “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” (House Listing) के पहले चरण को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए लिया गया है। 1 मई से 30 जून तक चलने वाले इस कार्य में हर कर्मचारी की उपस्थिति जरूरी मानी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर देरी या बाधा न आए।
बिना अनुमति नहीं मिलेगी छुट्टी
जारी आदेश के अनुसार:
किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को सामान्य अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही कलेक्टर की अनुमति से छुट्टी मिलेगी। मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी कर्मचारी प्रशिक्षण और फील्ड वर्क के लिए उपलब्ध रहें।
पहले से मंजूर छुट्टियां भी रद्द
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 23 मार्च से पहले स्वीकृत सभी अवकाश आदेशों को भी निरस्त कर दिया है। हालांकि, चिकित्सा अवकाश को विशेष अनुमति के साथ जारी रखने की छूट दी गई है।
राष्ट्रीय स्तर के काम में कोई ढिलाई नहीं
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की नीतियों की नींव है। इसी डेटा के आधार पर भविष्य की योजनाएं, संसाधनों का वितरण और विकास की दिशा तय होती है।
हर स्तर पर अलर्ट मोड
इस आदेश की जानकारी जिले के सभी विभागों, नगरीय निकायों, तहसीलों और संबंधित कार्यालयों को दे दी गई है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ निभाएं।
क्या है आगे की तैयारी?
जनगणना-2027 के तहत पहले चरण में घर-घर जाकर मकानों और बुनियादी जानकारी का डेटा जुटाया जाएगा। इसके बाद जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत गणना की जाएगी। कोरबा प्रशासन का यह कदम दिखाता है कि इस बार जनगणना को पूरी सटीकता और गति के साथ पूरा करने की तैयारी है।


