Congress HQ Eviction Notice 2026 : दिल्ली स्थित 24 Akbar Road और 5 Raisina Road को खाली करने के नोटिस के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी को निर्धारित समयसीमा के भीतर दोनों परिसरों को खाली करने के निर्देश मिले हैं, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कानूनी विकल्प और मोहलत की तैयारी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता इस पूरे मामले में कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही सरकार से कुछ समय की राहत (extension) मांगने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि शिफ्टिंग प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
राजनीतिक विकल्पों पर भी मंथन जारी
जानकारी के अनुसार, पार्टी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम कर रही है। इसमें यह संभावना भी देखी जा रही है कि किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा भेजकर उनके नाम पर सरकारी आवास आवंटित कराया जाए, जिससे अस्थायी तौर पर मुख्यालय संचालन जारी रखा जा सके।
ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा है 24 अकबर रोड
Indian National Congress के लिए 24 अकबर रोड सिर्फ एक कार्यालय नहीं, बल्कि दशकों की राजनीतिक विरासत का प्रतीक रहा है। Indira Gandhi के दौर से यह स्थान पार्टी के प्रमुख फैसलों और बैठकों का केंद्र रहा है।
मुख्यालय का बदलता इतिहास: इलाहाबाद से दिल्ली तक सफर
आजादी से पहले पार्टी का संचालन Anand Bhavan से होता था। बाद में दिल्ली में स्थानांतरित होने के साथ, समय-समय पर कार्यालय बदलता रहा और अंततः 1978 में 24 अकबर रोड स्थायी मुख्यालय के रूप में स्थापित हुआ।
नए ‘इंदिरा भवन’ में शिफ्टिंग की तैयारी
जनवरी 2025 में कांग्रेस ने अपने नए मुख्यालय Indira Bhawan का उद्घाटन किया था। इस दौरान Mallikarjun Kharge, Sonia Gandhi और Rahul Gandhi समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अब पार्टी पुराने मुख्यालय को खाली करने के साथ-साथ नए परिसर में पूरी तरह शिफ्ट होने की प्रक्रिया तेज कर सकती है।
आगे की राह: संगठन और सियासत दोनों की परीक्षा
फिलहाल, पार्टी के सामने चुनौती यह है कि वह इस बदलाव को बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा करे। कानूनी लड़ाई, राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक संतुलन—इन तीनों मोर्चों पर कांग्रेस की अगली चाल अहम मानी जा रही है।


