सीजी भास्कर, 28 मार्च। उत्तर बस्तर के कांकेर जिले से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव और रणनीतिक ऑपरेशन के बीच अब 19 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह कदम जिले को तय समय-सीमा से पहले नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है। यह पूरा घटनाक्रम अब एक अहम (Naxal Surrender Update) बन चुका है।
अबूझमाड़ से निकलकर मुख्यधारा की ओर, ‘Kanker Naxal News’ में नया मोड़
सूत्रों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से अबूझमाड़ और कांकेर के घने जंगलों में सक्रिय थे। इनमें परतापुर एरिया कमेटी के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ये सभी नक्सली कोयलीबेड़ा के रास्ते जिला मुख्यालय पहुंचकर सरेंडर करेंगे। यह घटनाक्रम (Kanker Naxal News) में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, जिससे क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
महिला नक्सली ‘रूपी’ का नाम चर्चा में, संगठन में थी मजबूत पकड़
आत्मसमर्पण करने वालों में महिला नक्सली रूपी का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि वह स्टेट कमेटी मेंबर विजय रेड्डी की पत्नी है, जो पहले ही मुठभेड़ में मारा जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, रूपी संगठन के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभा रही थी और उसकी मौजूदगी कई ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
लगातार बढ़ रहे सरेंडर, ‘Anti Naxal Operation’ का दिख रहा असर
पिछले कुछ दिनों में कांकेर जिले में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संख्या में तेजी आई है। हाल ही में 6 नक्सलियों ने भी सरेंडर किया था, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
यह पूरी प्रक्रिया एक सफल (Anti Naxal Operation) की ओर इशारा करती है, जिसमें संगठन धीरे-धीरे कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
नक्सल मुक्त कांकेर की ओर बढ़ते कदम, सुरक्षा एजेंसियों का दावा
अधिकारियों का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन, सख्त निगरानी और स्थानीय स्तर पर बनाई गई रणनीति के कारण नक्सली संगठन बिखरने की कगार पर पहुंच गया है।
यदि इसी तरह आत्मसमर्पण की प्रक्रिया जारी रहती है, तो जल्द ही कांकेर जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है।


