भिलाई नगर, 28 मार्च। फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड को लेकर छिड़ा विवाद अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है।
एफएसएनएल बचाओ संघर्ष समिति ने 30 मार्च को मुर्गा चौक, सेक्टर-1 में महा-हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध का सीधा असर 800 से अधिक श्रमिकों के रोजगार से जुड़ा हुआ है, जिनके सामने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इस पूरे आंदोलन को (FSNL Strike Protest) के रूप में देखा जा रहा है।
नई टेंडर नीति बनी ‘Privatization Issue’ की जड़, काम बंटने से बढ़ा संकट
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि विवाद की मुख्य वजह भिलाई स्टील प्लांट की नई टेंडर नीति है।
पहले जहां एफएसएनएल को एकल पार्टी के रूप में काम मिलता था, वहीं अब 750 करोड़ के टेंडर को चार हिस्सों में बांटकर ओपन टेंडर जारी किया गया है। इससे कंपनी के हिस्से में काम कम हो गया है और श्रमिकों की छंटनी का खतरा बढ़ गया है। यह मामला अब (Privatization Issue) के रूप में गहराता जा रहा है।
‘FSNL Privatization’ पर सवाल, कौड़ियों के दाम बेचने का आरोप
समिति ने आरोप लगाया है कि एफएसएनएल, जिसकी बाजार कीमत 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, उसे मात्र 320 करोड़ में जापानी कंपनी कोनोइके ट्रांसपोर्ट को बेच दिया गया।
इस निर्णय को श्रमिकों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया गया है। यह मुद्दा अब (FSNL Privatization) के नाम से चर्चा में है।
श्रमिकों की मांग: नौकरी सुरक्षा और ‘Labour Rights’ सुनिश्चित हों
संघर्ष समिति ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिक मांग श्रमिकों की नौकरी और वेतन की सुरक्षा है।
उनका कहना है कि ठेकेदार बदलने की स्थिति में भी किसी भी नियमित या ठेका श्रमिक की छंटनी या स्थानांतरण नहीं होना चाहिए। साथ ही, स्थाई कार्य होने के कारण श्रमिकों का विभागीयकरण किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन सहित सभी सुविधाएं दी जाएं। यह पूरा मुद्दा अब (Labour Rights) से जुड़ गया है।
30 मार्च को शक्ति प्रदर्शन, मुर्गा चौक बनेगा आंदोलन का केंद्र
समिति के अनुसार, स्क्रैप से जुड़े कुछ समूहों द्वारा एफएसएनएल को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसके खिलाफ यह बड़ा आंदोलन किया जा रहा है।
30 मार्च को होने वाली हड़ताल में बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल होंगे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। इस दिन मुर्गा चौक आंदोलन का मुख्य केंद्र रहेगा, जहां श्रमिक एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे।


