अंबिकापुर, 29 मार्च। सेंट्रल जेल से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कैदी को नियमों के खिलाफ विशेष सुविधाएं दी जा रही थीं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती इस कैदी का वीडियो वायरल होते ही पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई। इस घटना को लेकर (Jail VIP Treatment) पर सवाल उठने लगे हैं।
निरीक्षण में खुला ताला, ‘Jail Rule Violation’ की पुष्टि
मामले की जानकारी मिलते ही जेल अधीक्षक ने तत्काल जेल वार्ड का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान वार्ड का ताला खुला मिला, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। प्राथमिक जांच में साफ हो गया कि यहां (Jail Rule Violation) हो रहा था, जिसके चलते ड्यूटी पर तैनात दो प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया।
बीमारी के नाम पर मिली छूट, ‘Medical Ward Misuse’ का मामला
जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ जेल से स्थानांतरित किए गए इस कैदी को गंभीर बीमारी के चलते अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों के सर्टिफिकेट के आधार पर परिजनों को अटेंडेंट के रूप में साथ रहने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसी छूट का दुरुपयोग करते हुए (Medical Ward Misuse) की स्थिति बन गई।
घर का खाना, मोबाइल और बेरोक-टोक एंट्री, ‘Security Breach’ से बढ़ी चिंता
जांच में सामने आया कि परिजन बिना किसी रोक-टोक के वार्ड में आ-जा रहे थे।
वे कैदी को घर का खाना, मिनरल वाटर जैसी सुविधाएं दे रहे थे, इतना ही नहीं मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा था, जो जेल नियमों के खिलाफ है। इस पूरे मामले को गंभीर (Security Breach) माना जा रहा है।
प्रशासन सख्त, दो प्रहरी निलंबित; एंट्री पर लगी रोक
शिकायत के बाद हुई जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।
दोनों प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है और परिजनों की वार्ड में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
जेल प्रशासन के अनुसार, सामान्य स्थिति में बंदियों का इलाज जेल अस्पताल में ही किया जाता है, जबकि गंभीर मामलों में मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


