(Jet Fuel Price Surge) के चलते देश में विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में अचानक तेज उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब भारतीय एविएशन सेक्टर पर दिखने लगा है, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ती नजर आ रही है।
चार्टर उड़ानों पर ज्यादा मार, Aviation Cost Impact बढ़ा
(Aviation Cost Impact) के तहत इस बार कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर नॉन-शेड्यूल्ड और चार्टर फ्लाइट्स पर पड़ा है। सरकारी तेल कंपनियों ने इस सेगमेंट में भारी वृद्धि लागू की है, जबकि घरेलू नियमित उड़ानों के लिए फिलहाल बढ़ोतरी सीमित रखी गई है, ताकि आम यात्रियों पर अचानक बोझ न बढ़े।
बड़े शहरों में कीमतें आसमान पर, ATF Price India नई ऊंचाई पर
(ATF Price India) के आंकड़ों के मुताबिक Delhi में एटीएफ की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई है। वहीं Mumbai, Kolkata और Chennai जैसे शहरों में भी दाम तेजी से बढ़े हैं। यह बढ़ोतरी हाल के महीनों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर, Global Oil Market बना कारण
(Global Oil Market) की अस्थिरता को इस उछाल का मुख्य कारण बताया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार एटीएफ की कीमतें हर महीने अंतरराष्ट्रीय दरों के आधार पर तय होती हैं, और इस समय सप्लाई में रुकावट व भू-राजनीतिक तनाव ने कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।
घरेलू यात्रियों को राहत की कोशिश, लेकिन दबाव बरकरार
सरकार की ओर से कोशिश की गई है कि घरेलू उड़ानों पर पूरी बढ़ोतरी का असर न पड़े। लेकिन अंतरराष्ट्रीय रूट्स और प्राइवेट चार्टर सेवाओं में पूरी लागत लागू होने से एयरलाइंस पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर धीरे-धीरे किराए पर दिख सकता है।
आगे और बढ़ सकते हैं किराए, Aviation Industry Alert
(Aviation Industry Alert) के तहत विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात जल्द सामान्य नहीं होते, तो आने वाले समय में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। खासकर इंटरनेशनल फ्लाइट्स और प्राइवेट चार्टर सेक्टर में इसका असर पहले दिखाई देगा।


