Janjgir Champa Double Murder : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित ‘खपरी डबल मर्डर केस’ की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने वृद्ध साहू दंपती की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। हत्या की इस वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि परिवार की शादी में फोटोग्राफी करने वाले युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
‘होली के मुखौटे’ और ‘पैर के निशान’ ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, हत्यारों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए होली के मुखौटे पहन रखे थे। हालांकि, वारदात के दौरान एक आरोपी के पास से बरामद सोने की चेन में मुखौटे के कृत्रिम बाल फंसे रह गए, जो जांच में अहम सबूत साबित हुए। इसके अलावा, घटनास्थल पर मिले खून से सने पैर के निशानों और क्षेत्र के 50 निगरानी बदमाशों की कुंडली खंगालने के बाद पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही।
लूट और नशे की लत बनी हत्या की वजह
मुख्य आरोपी गजेंद्र पाल, जो पेशे से फोटोग्राफर है, ने घटना से तीन दिन पहले ही मृतक छतराम साहू के घर हुई एक शादी में फोटोग्राफी की थी। उसे घर की संपन्नता और गहनों का अंदाजा था। नशे की लत और पैसों के लालच में उसने अपने साथी सुरेंद्र यादव के साथ मिलकर डकैती और हत्या की योजना बनाई। संघर्ष के दौरान गजेंद्र पाल के हाथ में भी चोट आई थी।
परिवार ने भी की आरोपियों की मदद
इस जघन्य अपराध में केवल दो ही नहीं, बल्कि चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद गजेंद्र पाल को भागने में उसके पिता और बेटे ने भी सक्रिय सहयोग दिया था, जिसके कारण उन्हें भी सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू, बाइक और लूटे गए जेवरात बरामद कर लिए हैं।
पुलिस टीम की मुस्तैदी
मूलमुला थाना क्षेत्र के इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। एसपी के निर्देशन में सायबर सेल और स्थानीय पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर गुंडा बदमाश गजेंद्र पाल और उसके सहयोगियों को सलाखों के पीछे भेजा। आरोपियों को अब न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।


