सीजी भास्कर, 07 अप्रैल। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की तपती धरती पर पिछले 39 दिनों से जारी बारूद की गंध अब एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नजर नहीं आता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने पूरी दुनिया के गलियारों में सन्नाटा पसार दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर ईरान नहीं झुकता, तो आज रात एक ‘पूरी सभ्यता की मौत’ हो जाएगी।
“ईश्वर ईरान के लोगों की रक्षा करे”
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने एक बेहद भावुक लेकिन सख्त संदेश में ट्रंप ने लिखा, “आज रात हम दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक के गवाह बनेंगे। 47 सालों से जारी जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत के खेल का आखिरकार अंत होगा।” ट्रंप का यह बयान तब आया है जब सीजफायर और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए दी गई उनकी डेडलाइन आज रात खत्म हो रही है।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि वह नहीं चाहते कि ऐसी तबाही हो, लेकिन परिस्थितियां अब हाथ से निकलती दिख रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान में ‘होशियार और कम कट्टरपंथी’ दिमाग सक्रिय होते हैं, तो शायद आखिरी पलों में कुछ ‘अद्भुत’ हो सकता है, अन्यथा तबाही तय है।
रात 8 बजे: तबाही या संधि?
ट्रंप ने केवल धमकी ही नहीं दी, बल्कि संभावित हमले का खाका भी खींच दिया है। मिली जानकारी के अनुसार:
डेडलाइन: आज रात 8 बजे तक अगर ईरान डील पर हस्ताक्षर नहीं करता, तो सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है।
लक्ष्य: ईरान के पावर प्लांट, प्रमुख बुनियादी ढांचे और सामरिक पुलों को निशाना बनाया जा सकता है।
दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उनके पास ऐसी सैन्य क्षमता है जो ईरान को महज 4 घंटों के भीतर ‘धुआं-धुआं’ कर सकती है।
ईरान का पलटवार: ‘हम अंत तक लड़ेंगे’
दूसरी तरफ, ईरान ने भी घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका देश इस जंग को आखिरी अंजाम तक ले जाने के लिए तैयार है। अराघची ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका को अब तक यह समझ आ जाना चाहिए था कि ईरान के साथ खड़े लोगों की ताकत क्या है। उन्होंने संकल्प जताया कि वे ऐसा जवाब देंगे कि भविष्य में कोई दोबारा ईरान की तरफ आंख उठाने की हिम्मत नहीं करेगा।
वैश्विक तनाव चरम पर
पूरी दुनिया की नजरें अब घड़ी की सुइयों पर टिकी हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा मानी जाती है, अगर बंद रहती है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ा झटका लग सकता है। ट्रंप की इस ‘कयामत की रात’ वाली चेतावनी ने संयुक्त राष्ट्र से लेकर यूरोपीय देशों तक खलबली मचा दी है।
क्या कूटनीति के आखिरी प्रयास इस ऐतिहासिक विनाश को रोक पाएंगे, या फिर इतिहास की किताबों में आज की तारीख एक सभ्यता के पतन के रूप में दर्ज होगी? यह आज रात 8 बजे के बाद साफ हो जाएगा।


