सीजी भास्कर, 08 अप्रैल। छत्तीसगढ़ की राजधानी में शातिर ठगों का जाल इस कदर फैल (Digital Arrest Raipur News) गया है कि अब पढ़े-लिखे लोग भी उनके झांसे में आ रहे हैं। ताजा मामला रायपुर के डीडी नगर थाना इलाके का है, जहां खुद को ‘दिल्ली पुलिस’ का अफसर बताकर बदमाशों ने एक रिटायर्ड बिजली इंजीनियर को अपना शिकार बनाया। ठगों ने रेप केस का ऐसा डर दिखाया कि पीड़ित ने घबराहट में 80 हजार रुपये लुटा दिए। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित का अपना बेटा दिल्ली में खुद एक बड़ा आईईएस (IES) अफसर है।
रेप केस का डर और डिजिटल अरेस्ट का खेल
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित रिटायर्ड इंजीनियर के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का बड़ा अधिकारी बताया और दावा किया कि इंजीनियर साहब एक रेप केस में फंस गए हैं। ठग ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर जेल नहीं जाना है और मामला रफा-दफा करना है, तो डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। डर के मारे पीड़ित ने ठग के बताए बैंक खाते में तुरंत 80 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का अहसास हुआ तो पहुँचे थाना
पैसा भेजने के कुछ देर बाद जब पीड़ित का दिमाग शांत हुआ और उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की, तब उन्हें समझ आया कि वे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद वे तुरंत डीडी नगर थाने पहुँचे और शिकायत दर्ज कराई। रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और मोबाइल नंबर्स को ट्रैक किया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में हुआ।
सावधान! डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता
हकीकत तो यह है कि भारत के कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई चीज होती ही नहीं है। पुलिस, सीबीआई या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। खुद प्रधानमंत्री मोदी भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसे लेकर लोगों को सचेत कर चुके हैं। अगर कोई आपको फोन पर डराकर कैमरा ऑन रखने को कहे, तो समझ जाइए कि वो पुलिस वाला नहीं, बल्कि कोई लुटेरा है।


