सीजी भास्कर, 09 अप्रैल । सड़क हादसों में अज्ञात वाहनों की टक्कर से होने वाली जनहानि और घायलों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी कोशिशें (Hit and Run Compensation Scheme) तेज कर दी हैं। भारत सरकार की “हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना मुआवजा योजना” के तहत अब पीड़ितों और उनके परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस योजना को आम नागरिकों के लिए जीवन रक्षक बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे।
मृत्यु पर 2 लाख और गंभीर चोट पर 50 हजार की मदद (Hit and Run Compensation Scheme)
योजना की बारीकियों को साझा करते हुए परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना का दायरा काफी प्रभावी बनाया गया है। यदि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर (हिट एंड रन) से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके आश्रितों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में पीड़ित को उपचार हेतु 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।
कौन होगा हकदार और क्या है आवेदन का तरीका?
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, मृतक के नजदीकी परिजन (पति/पत्नी, माता-पिता या बच्चे) मुआवजे के लिए दावा (Hit and Run Compensation Scheme) कर सकते हैं। गंभीर चोट की स्थिति में पीड़ित स्वयं भी आवेदन कर सकता है। इसकी प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है दुर्घटना के तुरंत बाद नजदीकी थाने में सूचना देना अनिवार्य है। इसके पश्चात, निर्धारित फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित एसडीएम (SDM) कार्यालय में जमा करना होता है। जाँच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही सहायता राशि स्वीकृत कर दी जाती है।
इन दस्तावेजों को साथ रखना है जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी कागजातों की आवश्यकता होती है, जिनमें पुलिस एफआईआर (FIR) की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मेडिकल सर्टिफिकेट, पहचान और पते का प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और परिजनों के साथ संबंध दर्शाने वाला दस्तावेज (Hit and Run Compensation Scheme) शामिल है। परिवहन विभाग ने ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ का संदेश देते हुए नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील की है, ताकि ऐसे हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।


