Chhattisgarh Paper Leak : छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर लीक मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस मामले में सीधे तौर पर सत्ताधारी भाजपा के नेताओं की संलिप्तता का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों की तरह अब छत्तीसगढ़ में भी पेपर लीक माफिया सक्रिय हो गया है।
विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया:
“पर्चा लीक हुए एक महीना बीत चुका है, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने FIR भी दर्ज कराई है और रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली भी लागू है। इसके बावजूद अब तक एक भी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? यह साफ इशारा करता है कि आरोपियों को भाजपा नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।”
आत्मानंद स्कूलों की हालत पर चिंता
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में फीस बढ़ाए जाने और सुविधाओं की कमी को लेकर भी विकास उपाध्याय ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में इन स्कूलों में ड्रेस से लेकर हर सुविधा मुफ्त थी, लेकिन अब शिक्षकों को भुगतान तक नहीं हो रहा है।
- फ्री एजुकेशन पर संकट: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नर्सरी और PP-1 कक्षाएं बंद कर मुफ्त शिक्षा के ढांचे को खत्म कर रही है।
- विवेकानंद स्कूल बनाम आत्मानंद: सरकार 150 नए विवेकानंद स्कूल खोलने का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि मौजूदा आत्मानंद स्कूलों के लिए बजट नहीं है। यह सिर्फ ‘वाहवाही’ लूटने का तरीका है।
आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्ड से इलाज बंद करने के मुद्दे पर विकास उपाध्याय ने कहा कि सरकार अस्पतालों का समय पर भुगतान नहीं कर रही है। अस्पताल कर्ज लेकर काम नहीं कर सकते। यदि सरकार ने जल्द भुगतान नहीं किया, तो गरीबों को इलाज के लिए दर-दर भटकना होगा।
“नक्सलवाद खत्म तो Z+ सुरक्षा क्यों?”
सांसद संतोष पांडेय द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तुलना भगवान राम से करने पर विकास उपाध्याय ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा:
“अगर भाजपा दावा करती है कि नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो उनके जनप्रतिनिधियों को Z+ सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ रही है? भाजपा नेता केवल चाटुकारिता में व्यस्त हैं और जनता के बुनियादी मुद्दों से उनका कोई सरोकार नहीं है।”
कांग्रेस नेता के इन आरोपों के बाद अब प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


