सीजी भास्कर, 14 अप्रैल : छत्तीसगढ़ में आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नकली दवाओं (Fake Medicine Racket Raipur) के अवैध कारोबार के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) ने एक और बड़ी और निर्णायक कार्यवाही की है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत, राजधानी रायपुर में नकली दवाओं के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए संगठित सप्लाई चेन में संलिप्त तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट मामले में बड़ी सफलता
यह कार्यवाही कुछ माह पूर्व नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव से भारी मात्रा में नकली दवाओं की जप्ती के प्रकरण से जुड़ी हुई है। विभाग द्वारा की गई गहन जांच के दौरान इस रैकेट की परतें खुलती गईं और छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश तक फैले एक विस्तृत और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में ठोस सबूत मिलने के बाद, विभाग ने सोमवार को रायपुर में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें रोचक अग्रवाल बिजरासन मेडिकोज, इंदौर (मध्य प्रदेश), सुरेंद्र कामनानी प्रेम प्रकाश एजेंसी, भाटापारा (छत्तीसगढ़) और खेमराज बानी सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ (छत्तीसगढ़) शामिल है।
सारंगढ़ में जप्त हुए थे पुख्ता सबूत
जांच की कड़ी में, विभागीय टीम (Fake Medicine Racket Raipur) द्वारा दिसंबर माह में सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस कार्यवाही के दौरान संदिग्ध एवं नकली औषधियों के भंडारण एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण और पुख्ता साक्ष्य प्राप्त हुए थे। इन दस्तावेजी और भौतिक सबूतों को विधिवत जप्त कर जांच में शामिल किया गया, जिसके आधार पर आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हुई।
अंतरराज्यीय जांच और कड़ी विधिक कार्यवाही
नकली दवाओं के व्यापार की गंभीरता और इसके तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की प्रबल संभावना के आधार पर, विभागीय टीम द्वारा अंतरराज्यीय जांच एवं विवेचना की गई। इंदौर से आरोपी रोचक अग्रवाल की गिरफ्तारी इसी अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों और उनके पूरे नेटवर्क की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। वर्तमान में प्रकरण में नियमानुसार अभियोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
रैकेट से जुड़े हर व्यक्ति पर होगी कार्यवाही
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा प्रकरण (Fake Medicine Racket Raipur) से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। नकली दवाओं के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें।


