सीजी भास्कर, 16 अप्रैल : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सुशासन तिहार (Sushasan Tihar 2026) का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर इस अभियान को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इस अभियान (Sushasan Tihar 2026) का मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों का त्वरित निराकरण, जनसमस्याओं का समाधान और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
1 मई से 10 जून तक शिविर
सुशासन तिहार (Sushasan Tihar 2026) के तहत 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में समाधान शिविर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत समूहों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर इनका आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में समाधान शिविर (Sushasan Tihar 2026) आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और शहरी क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर ये शिविर लगाए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
शिविरों में मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
इन शिविरों (Sushasan Tihar 2026) के माध्यम से विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण किया जाएगा। साथ ही शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे लोगों को जल्द राहत मिल सके।
हर आवेदक को मिलेगी जानकारी
सुशासन तिहार (Sushasan Tihar 2026) के तहत हर आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति और निराकरण की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ेंगे। इन शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शामिल होंगे। वे न केवल शिविरों का निरीक्षण करेंगे बल्कि योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।
जिला मुख्यालयों में होगी समीक्षा बैठक
शिविर के दौरान दोपहर बाद जिला मुख्यालयों में अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्राप्त आवेदनों के निराकरण, योजनाओं के क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सुशासन तिहार (Sushasan Tihar 2026) शुरू होने से पहले 30 अप्रैल तक लंबित मामलों का निराकरण किया जाए। इनमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
बिजली-पानी और योजनाओं पर विशेष फोकस
इस अभियान (Sushasan Tihar 2026) के तहत बिजली संबंधी शिकायतों, हैंडपंप मरम्मत, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके। इस तरह सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ में प्रशासन को आम जनता के और करीब लाने और शासन को जमीन स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।


