सीजी भास्कर, 18 अप्रैल : बिलासपुर जिले में धान खरीदी के दौरान अनियमितताओं (Bilaspur Paddy Procurement Scam) का मामला सामने आया है। गतौरा और एरमशाही सहकारी समितियों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद खाद्य विभाग ने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और मामले की जांच अभी जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी बड़े फर्जीवाड़े की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले (Bilaspur Paddy Procurement Scam) में विभाग ने यह भी कहा है कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धान खरीदी और उठाव में अंतर
जिला खाद्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बिलासपुर जिले में कुल 6,76,325 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 6,76,110 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान में धान खरीदी और उठाव के बीच केवल 215 क्विंटल का अंतर शेष है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। प्रशासन ने उन खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है, जिनमें 2100 क्विंटल धान का उठाव लंबित होने की बात कही गई थी। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक अंतर केवल 215 क्विंटल का ही है।
कमी पाए जाने पर होगी वसूली
प्रशासन ने साफ किया है कि लेखा मिलान के दौरान यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित सहकारी समिति से उसकी भरपाई की जाएगी। यह वसूली समिति की कमीशन राशि से की जाएगी, जिससे शासन को किसी प्रकार की आर्थिक हानि नहीं होगी।
खाद्य विभाग ने दोहराया है कि जिले में धान खरीदी और उठाव का कार्य (Bilaspur Paddy Procurement Scam) शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से किया गया है। फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



