CBSE के नए RO का हुआ सम्मान, नई शिक्षा नीति पर हुई चर्चा
सीजी भास्कर, 29 अगस्त।
एनईपी 2020 दिशा निर्देशों का क्रियान्वयन हम सभी को करना आवश्यक होगा, शिक्षण प्रथाओं, छात्र कल्याण- सुरक्षा, स्वास्थ्य और अनुशासन, आगामी परीक्षाएं और मूल्यांकन प्रक्रियाएं, शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण कार्यक्रम पर जोर देने के साथ ही सांस्कृतिक, खेल और ओलंपियाड के लिए स्कूलों के बीच सहयोग, सोसाइटी/ट्रस्ट/कंपनी अधिनियम आदि का पालन कराना प्रिंसिपल्स की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
उक्ताशय के विचार दुर्ग जिले की सभी CBSE स्कूल्स के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा बैठक में रीजनल अफसर CBSE जगदीश बर्मन ने व्यक्त किए।
आपको बता दें कि केएच ग्रुप ऑफ स्कूल द्वारा होटल सेंट्रल पार्क में इस मीटिंग का आयोजन किया गया। मीटिंग में दुर्ग रीजन के सीबीएसई स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई।

सीबीएसई की डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर विभा झा ने रीजनल अफसर का स्वागत किया। मिटिंग में आए सभी प्रिंसिपल्स ने भी श्री बर्मन का अभिनंदन किया।
स्वागत भाषण देते हुए डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर विभा झा ने रीजनल ऑफिसर का संक्षिप्त परिचय दिया।
श्रीमती विभा झा ने कहा कि दुनिया तेज़ी से बदल रही है और शिक्षा को भी इसके साथ तालमेल बिठाना होगा। सीबीएसई शिक्षा का भविष्य छात्रों को वैश्विक अवसरों, आधुनिक करियर और निरंतर बदलती दुनिया के लिए तैयार करने की आवश्यकता से प्रेरित है।
रीजनल अफसर श्री बर्मन ने प्रिंसिपल और प्रबंधन की भूमिका कैसी हो उस पर विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सीबीएसई शिक्षा का भविष्य कई उभरते रुझानों से आकार ले रहा है। इन रुझानों का उद्देश्य कक्षाओं को रचनात्मकता, सहयोग और आलोचनात्मक सोच के केंद्रों में बदलना है। सीबीएसई स्कूलों में बदलाव का सबसे बड़ा कारण तकनीक है।
आरओ श्री बर्मन ने कहा कि ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, इंटरैक्टिव व्हाइट बोर्ड और शैक्षिक ऐप्स के उदय के साथ, सीखना और भी आकर्षक हो गया है।

इस अवसर पर केएच ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन केके झा ने रीजनल ऑफिसर श्री बर्मन को मोमेंटो (बस्तर आर्ट) भेंट किया।
श्री झा ने इस तरह के आयोजन पर प्रसन्नता जताई और कहा कि शिक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। इसलिए शिक्षण संस्थाओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम संचालन केएच ग्रुप ऑफ स्कूल के डायरेक्टर निश्चय झा ने किया।

इस अवसर पर प्रिंसिपल ई भारती, रूबी बर्मन रॉय, बिनोद कुमार, इति शर्मा, सुमिता सरकार, आशा साव, श्रीपल्ली वसुंधरा, सोनाली पात्रा, राजेश किन्हेकर, स्वप्ना वर्गीस, बिपिन देशमुख, संयोगिता सक्सेना, एसआर फिंसी, एस आर क्रिस्टी, वर्षा जॉर्ज, रीता थॉमस, आलोक कुमार श्रीवास्तव, गिरजा शंकर पांडे, नीतू सिंह, वीएस कल्पना, विपिन ओझा, प्रतीक ओझा, डॉ माया भट्टाचार्य, दुष्यंत कुमार, अमिताभ दास, टी एंटो जैकब, जय बैंडलू, राजीव कुमार, धनंजय सिंह, आशीष घोषाल, डॉ बी डी थरकन, एनसी वर्गिस, यशपाल शर्मा, सुतापा सरकार, डी रघुनंद, प्रियंका शुक्ला, नरेंद्र भालेराव, योगिता शर्मा , दीप्ति तिवारी, हरविंदर कौर, देबा गिरी, टी अमलासीलन, व्ही एम पुष्पलता, रीभा चौधरी, गिरीश कुमार, जैकब थॉमस भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति पर चर्चा हुई। भाग लेने वाले प्रिंसिपल्स से प्रश्न, सुझाव भी मांगे गए और प्रिंसिपल्स के डाउट भी क्लियर किए गए।