Opium Farming Case Durg : दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान सामने आया कि इस अवैध खेती के लिए इस्तेमाल किए गए अफीम के बीज राजस्थान से मंगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में बीज सप्लाई करने वाले आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी छोटू राम लंबे समय से आरोपियों के संपर्क में था और खेती के लिए बीज उपलब्ध कराता था।
अब तक चार आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
इस मामले में दुर्ग पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें दुर्ग निवासी विनायक ताम्रकर, राजस्थान के जोधपुर जिले के विकास बिश्नोई और समोदा निवासी मनीष उर्फ गोलू ठाकुर शामिल हैं। अब चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल चार लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अभी जारी है।
मोबाइल बंद कर छिपे हुए थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद कुछ आरोपी राजस्थान भाग गए थे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और छिपकर रहने लगे। बताया जा रहा है कि वे सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही फोन चालू करते थे, जिसके कारण पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने में समय लगा। लगातार निगरानी के बाद आखिरकार चौथे आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
5 एकड़ से ज्यादा जमीन में उगाई जा रही थी अफीम
इस पूरे मामले का खुलासा 6 मार्च को हुआ था, जब पुलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समोदा, झेनझरी और सिरसा के खेतों में अवैध खेती की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो मक्का और भुट्टे की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए मिले। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगी अफीम की फसल जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए बताई गई।
नकदी और मोबाइल जब्त, पूछताछ जारी
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने 2220 रुपए नकद और एक स्मार्टफोन भी जब्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस ने दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी, दो मोटरसाइकिल और एक हार्वेस्टर समेत कई कृषि उपकरण भी जब्त किए थे, जिनकी कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है।
आज खत्म हो सकती है न्यायिक रिमांड
इस मामले में गिरफ्तार तीन मुख्य आरोपियों की न्यायिक रिमांड आज समाप्त हो रही है। ऐसे में संभावना है कि पुलिस उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग कर सकती है। पुलिस का मानना है कि मामले की पूरी कड़ियां जोड़ने के लिए मुख्य आरोपी से और पूछताछ जरूरी है।





