सीजी भास्कर, 5 जनवरी। अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) के प्रतिबंधित कोर जोन से लगे क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर हथियार लहराने और फायरिंग करने के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते ही अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के सहयोग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो एयर राइफल और एक टाटा सफारी स्टॉर्म वाहन जब्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व (Achanakmar Tiger Reserve) (एटीआर) के प्रतिबंधित कोर जोन से सटे क्षेत्र में हथियार लहराने और गोलीबारी (फायरिंग शॉट्स) की घटना सामने आने के बाद पूरे वन अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत वैष्णव (26 वर्ष), अनिकेत (27 वर्ष) एवं विक्रांत वैष्णव (36 वर्ष) के रूप में हुई है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही और गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रकरण को गंभीर मानते हुए विभागीय स्तर पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। तत्काल प्रभाव से संबंधित बैरियर गार्ड को हटा दिया गया है, वहीं संबंधित परिक्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए सहायक संचालक (कोर) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेंगे।
वन विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध प्रवेश, हथियारों का प्रदर्शन, फायरिंग या वन्यप्राणियों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की घटनाएं न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती पैदा करती हैं।
वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि सुरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल वन विभाग या संबंधित प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


