सीजी भस्कर 16 जनवरी Activa Theft Gang Busted : रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर आखिरकार पुलिस ने निर्णायक वार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में एक्टिवा चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 36 चोरी की एक्टिवा बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 19.80 लाख रुपये बताई जा रही है।
SSP के निर्देश पर बनी थी स्पेशल टीम
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर राजधानी में वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, मुखबिर तंत्र और फील्ड पेट्रोलिंग के जरिए संदिग्धों की पहचान की और पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई।
मास्टर चाबी से चोरी, गांवों में होती थी गाड़ियों की बिक्री
जांच में सामने आया कि रोशन रात्रे नामक युवक इस गिरोह का सरगना है, जो मास्टर चाबी की मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक्टिवा चोरी करता था। चोरी के बाद ये वाहन उसके सहयोगियों के जरिए ग्रामीण इलाकों में रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को बेचे जाते थे। कुछ आरोपी चोरी की गाड़ियों को खुद भी इस्तेमाल कर रहे थे।
हफ्तेभर की निगरानी के बाद पकड़ा गया सरगना
पुलिस टीम ने रवि भवन पार्किंग और आसपास के इलाकों में लगभग एक सप्ताह तक कैंप कर मुख्य आरोपी को दबोचा। पूछताछ के बाद वाहन खरीद-फरोख्त से जुड़े 17 अन्य आरोपियों की पहचान हुई, जिन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
3 थानों में दर्ज थे सबसे ज्यादा केस
बरामद की गई 36 एक्टिवा में से 24 वाहन थाना सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में महज 15 दिनों के भीतर 44 दोपहिया वाहन जब्त किया जाना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
संगठित चोरी नेटवर्क पर लगा ब्रेक
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से राजधानी में सक्रिय दोपहिया चोरी के संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। आने वाले समय में भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


