डूरंड लाइन के उस पार शनिवार की रात, अफगान सैनिकों और पाकिस्तानी फौज के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
( Afghanistan Pakistan Border Clash)
अफगान रक्षा बलों ने दावा किया है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई।
इस झड़प में 12 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई है, जबकि दोनों तरफ भारी नुकसान की खबर है।
मध्यरात्रि की कार्रवाई – अफगान सेना का पलटवार
अफगान सैनिकों ने डूरंड लाइन के करीब मौजूद पाकिस्तानी चौकियों पर रॉकेट दागे और लगातार गोलीबारी की।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि उनका ऑपरेशन आधी रात को शुरू हुआ और तड़के 3 बजे तक चला।
उनका कहना है कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा सीमा पार की कार्रवाई की तो, जवाब पहले से भी ज़्यादा कठोर होगा।
(Afghanistan Pakistan Border Clash)
अफगान मीडिया के अनुसार, तालिबान लड़ाकों ने दो चौकियों पर कब्जा भी कर लिया है और कई पोस्टों को जला दिया गया।
पाकिस्तान की जवाबी फायरिंग, तीन ड्रोन मार गिराने का दावा
पाकिस्तानी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई इलाकों में मोर्टार दागे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तीन अफगान ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
पाक गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने चेतावनी दी कि “अगर अफगानिस्तान ने फिर सीमा पार की तो उसे वही जवाब मिलेगा, जैसा भारत को अपने दुश्मनों को देने का अनुभव है।”
सीमा के आसपास बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
तालिबान का बयान – “हमने सिर्फ जवाब दिया”
तालिबान प्रशासन ने कहा कि तीन दिन पहले पाकिस्तान ने काबुल और कुनार में हवाई हमले किए थे, जिनमें आम नागरिक मारे गए।
उसके बाद अफगान बलों को जवाब देना पड़ा।
अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने चेतावनी दी कि “पाकिस्तान हमारे साथ खेल न खेले… यह अफगानिस्तान है, कोई मैदान नहीं जहाँ हर कोई आकर बम गिरा दे।”
( Afghanistan Pakistan Border Clash)
सऊदी, ईरान और कतर ने किया शांति की अपील
तनाव बढ़ता देख खाड़ी देशों ने दखल दिया है।
सऊदी अरब, ईरान और कतर ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
उनका कहना है कि इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए, ताकि यह क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित न करे।
कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि अगर स्थिति संभाली नहीं गई, तो यह South Asia Border Conflict का नया अध्याय बन सकता है।
डूरंड लाइन की पुरानी कहानी – तनाव की जड़
डूरंड लाइन (Durand Line Dispute) कोई नई विवाद की जगह नहीं है।
1893 में ब्रिटिश राज के दौरान खींची गई यह सीमा आज भी दोनों देशों के बीच मतभेद की सबसे बड़ी वजह है।
अफगानिस्तान इस रेखा को कभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता, जबकि पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है।
हर कुछ महीनों में यहां झड़पें होती रहती हैं — लेकिन इस बार की घटना ने तनाव को खतरनाक मोड़ दे दिया है।
TTP और तालिबान के रिश्ते ने और बढ़ाया तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में सबसे बड़ी कड़ी है – Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP)।
यह संगठन 2007 में बना और इसका मकसद पाकिस्तान सरकार को चुनौती देना है।
तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी है।
पाकिस्तान बार-बार अफगानिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह TTP को पनाह दे रहा है।
(Afghanistan Pakistan Border Clash) अब इस गोलीबारी के बाद दोनों देशों के बीच विश्वास लगभग खत्म होता दिख रहा है।
सीमा पर सन्नाटा, लेकिन डर बाकी है
कुनार और हेलमंद प्रांत के गांवों में लोग अब भी दहशत में हैं।
रातभर चली गोलियों की गूंज के बाद लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमें नहीं पता अगली गोली किस तरफ से आएगी।”
सीमा इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
आगे क्या? – क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा
विश्लेषकों का कहना है कि अगर ये (Afghanistan Pakistan Border Clash) बढ़ता गया, तो इसका असर दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर भी पड़ेगा।
भारत, चीन और ईरान जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है।
क्योंकि इस बॉर्डर की हर हलचल पूरी क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित करती है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने बयानों पर अड़े हैं, और सीमा पर शांति की उम्मीद बेहद कम दिख रही है।


