सीजी भास्कर, 03 नवंबर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के महासमुंद जिले के पिथौरा तहसील के छोटे से गांव अर्जुनी ने वह कारनामा कर दिखाया है, जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर रहा है। इसी गांव की मिट्टी ने भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को एक जांबाज फाइटर पायलट (Air Force Pilot Gaurav Patel) दिया है, जो अब सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team) का हिस्सा बनकर आसमान में देश की शौर्यगाथा लिखने जा रहा है।
नवा रायपुर के आसमान में चमकेगा गौरव का नाम
भारतीय वायुसेना के 32 वर्षीय फ्लाइट लेफ्टिनेंट गौरव पटेल छत्तीसगढ़ की रजत जयंती समारोह के अवसर पर नवा रायपुर के आसमान में सूर्यकिरण टीम के साथ अपने हवाई करतब दिखाएंगे। गौरव के लिए यह पल भावनात्मक भी है। उनका कहना है कि “अपने प्रदेश की धरती पर उड़ान (Air Force Pilot Gaurav Patel) भरना मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी, दोनों है।” चार नवंबर को नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर अभ्यास सत्र होगा, जबकि 5 नवंबर को मुख्य प्रदर्शन आयोजित होगा। यह एरोबेटिक शो पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा और आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा।
प्राइमरी स्कूल से लेकर फाइटर कॉकपिट तक का सफर
अर्जुनी गांव के किसान पिता के बेटे गौरव पटेल ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। उन्होंने बताया कि बचपन से ही आसमान में उड़ते फाइटर जेट देखकर उनके मन में भारतीय वायुसेना (Air Force Pilot Gaurav Patel) में शामिल होने की इच्छा जगी थी। गौरव ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की परीक्षा पास कर अपने सपनों की राह पकड़ी और फिर वायुसेना अकादमी में कड़ी ट्रेनिंग ली। आज वे सूर्यकिरण टीम का हिस्सा बनकर देश के सबसे सम्मानित फाइटर पायलटों की सूची में शामिल हैं।
गांव में जश्न का माहौल : Air Force Pilot Gaurav Patel
गौरव के गांव अर्जुनी में उनके इस प्रदर्शन को लेकर उत्साह का माहौल है। परिजन और ग्रामीणों ने कहा कि गौरव ने न केवल गांव का, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। गांव के बुजुर्गों ने कहा यह गौरव का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव है। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण टीम (Suryakiran Aerobatic Team of IAF) अपने सटीक फ्लाइंग कौशल, टीमवर्क और साहसिक हवाई करतबों के लिए जानी जाती है। इस टीम ने दुनिया के कई देशों में भारत की हवाई शक्ति और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया है।


