Airfare Price Cap Removed India : घरेलू हवाई यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। Ministry of Civil Aviation ने हवाई किराए पर लगी अस्थायी सीमा को हटाने का फैसला लिया है, जिसके बाद अब एयरलाइंस अपनी टिकट कीमतें खुद तय कर सकेंगी। यह नया नियम 23 मार्च से लागू हो गया है।
क्यों लगाई गई थी किराया सीमा
दरअसल, पिछले साल दिसंबर में उड़ानों में बाधा और अचानक बढ़े टिकट दामों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह सीमा तय की थी। उस समय यात्रियों को राहत देने के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराए की सीमा लागू की गई थी, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे।
अब बाजार के हिसाब से तय होंगे दाम
नई व्यवस्था के तहत एयरलाइंस अब मांग और उपलब्धता के आधार पर किराया तय करेंगी। यानी त्योहारों, छुट्टियों या पीक सीजन में टिकट महंगे हो सकते हैं, जबकि ऑफ-सीजन में सस्ते भी मिल सकते हैं। इस बदलाव से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार की सख्त निगरानी जारी रहेगी
हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि एयरलाइंस को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी। अगर किसी भी स्थिति में किराए में असामान्य या अनुचित बढ़ोतरी देखी जाती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निगरानी जारी रहेगी।
यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर दोतरफा हो सकता है। जहां एक ओर प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ रूट्स पर किराए कम हो सकते हैं, वहीं अधिक मांग वाले रूट्स पर यात्रियों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। ऐसे में टिकट बुकिंग की टाइमिंग अहम भूमिका निभाएगी।
एविएशन सेक्टर को मिलेगी राहत
इस फैसले से एयरलाइंस कंपनियों को अपनी लागत और मुनाफे के हिसाब से कीमत तय करने की स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है। महामारी के बाद उबर रहे इस सेक्टर के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।


