सीजी भास्कर, 22 फरवरी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई 100 विधायक लेकर आ जाए, तो मुख्यमंत्री बनने का रास्ता खुला है।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का उल्लेख करते (Akhilesh Yadav Statement) हुए कहा कि जैसे-जैसे लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे पीडीए का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि सच्चा योगी वही होता है, जो माया के बीच रहकर भी उससे प्रभावित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल बाहरी स्वरूप से किसी की पहचान तय नहीं होती, बल्कि उसके कार्य और व्यवहार अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
गोरखपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हाल ही में हुई एक घटना में कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित (Akhilesh Yadav Statement) हुई, जो चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
इसके अलावा, अखिलेश यादव ने धार्मिक और सामाजिक विषयों का भी जिक्र करते हुए कहा कि संतों और धार्मिक व्यक्तित्वों का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सामाजिक मूल्यों और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव के इन बयानों को आगामी राजनीतिक रणनीति और सरकार पर दबाव बनाने के प्रयास के रूप में देखा (Akhilesh Yadav Statement) जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस तरह की बयानबाजी से राजनीतिक माहौल और अधिक सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।






