सीजी भास्कर, 05 जनवरी। रायपुर स्थित मेकाहारा (डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय) के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा जगत में एक नया इतिहास (Ambedkar Hospital Raipur Surgery) रच दिया है। गर्दन की मुख्य धमनी कैरोटिड आर्टरी के अपने आप फट जाने जैसी बेहद दुर्लभ और जानलेवा स्थिति में डॉक्टरों ने समय रहते जटिल सर्जरी कर 40 वर्षीय मरीज को नई जिंदगी दी। यह न सिर्फ छत्तीसगढ़ का पहला मामला है, बल्कि दुनिया भर में मेडिकल जर्नल्स में ऐसे केवल 10 केस ही दर्ज हैं।
ब्रश करते समय अचानक बिगड़ी हालत
रायपुर निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति सुबह घर पर दांत साफ कर रहा था, तभी अचानक उसके गले में तेज दर्द हुआ। कुछ ही पलों में गर्दन में असामान्य सूजन आ गई और मरीज बेहोश हो गया। परिजन घबराकर उसे तुरंत डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग लेकर पहुंचे।
सीटी एंजियोग्राफी में खुला चौंकाने वाला राज
जांच के दौरान सीटी एंजियोग्राफी में सामने आया कि मरीज की दाईं कैरोटिड आर्टरी स्वतः ही फट चुकी है और वहां खून का गुब्बारानुमा उभार बन गया है, जिसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्यूरिज्म (Ambedkar Hospital Raipur Surgery) कहा जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तुरंत हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में रेफर किया गया।
50–60% सफलता वाली सर्जरी, हर पल खतरे से भरा
विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस हाई-रिस्क सर्जरी को अंजाम देने का फैसला किया। ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा खतरा यह था कि मस्तिष्क तक खून का थक्का पहुंच सकता था, जिससे लकवा या मृत्यु तक की आशंका थी। इस सर्जरी की सफलता दर महज 50 से 60 प्रतिशत मानी जाती है।
बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से की गई मरम्मत
कई घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की मदद से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को सावधानीपूर्वक रिपेयर किया गया। राहत की बात यह रही कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को किसी भी तरह का लकवा नहीं हुआ। फिलहाल मरीज स्वस्थ है और डॉक्टरों की निगरानी में है।
क्यों है यह मामला इतना दुर्लभ
आमतौर पर कैरोटिड आर्टरी के फटने की स्थिति दुर्घटना, संक्रमण, ट्यूमर या अन्य गंभीर बीमारियों में देखी जाती है। लेकिन इस मामले में मरीज पूरी तरह स्वस्थ था और बिना किसी पूर्व बीमारी के धमनी का अपने आप फटना चिकित्सा जगत में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
कैरोटिड आर्टरी क्या होती है
कैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित वह प्रमुख धमनी (Ambedkar Hospital Raipur Surgery) होती है, जो हृदय से मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाती है। इसके क्षतिग्रस्त होने पर कुछ ही मिनटों में मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने की सराहना
इस ऐतिहासिक सफलता पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर और पूरी सर्जिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे न केवल संस्थान बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। यह सर्जरी साबित करती है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में भी अब विश्वस्तरीय और जीवन रक्षक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं।






