सीजी भास्कर, 08 मई : महामाया पहाड़ के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अवैध कब्जों (Ambikapur Encroachment Action) के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ डबरीपानी इलाके पहुंची, जहां अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि जिन अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट से स्टे मिला है, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से अलग रखा गया है।
157 लोगों को जारी किया गया था अंतिम नोटिस
महामाया पहाड़ रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में वन विभाग ने मार्च 2026 में 157 लोगों को अवैध कब्जा हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया था। नोटिस की समय सीमा 27 मार्च को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा पार्षद Alok Dubey ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री स्तर पर मामला पहुंचने के बाद शुक्रवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
रात में चस्पा हुआ नोटिस, सुबह पहुंचा बुलडोजर
कार्रवाई की शुरुआत डबरीपानी क्षेत्र से की गई, जहां 54 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। इनमें से कुछ लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया है। गुरुवार रात वन विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर घर खाली करने के नोटिस चस्पा किए। इसके बाद शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ Shweta Kamboj के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पार्षद ने लगाया कार्रवाई में देरी का आरोप
भाजपा पार्षद Alok Dubey ने कहा कि मार्च 2026 में ही अवैध कब्जाधारियों को अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका था। पुलिस बल उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद इसकी शिकायत मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आए एक समुदाय विशेष के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। पार्षद के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है।
सभी चिन्हित अतिक्रमण हटाए जाएंगे
फॉरेस्ट एसडीओ Shweta Kamboj ने बताया कि कुल 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया है। इनमें महामाया पहाड़, नवागढ़ और डबरीपानी क्षेत्र के अतिक्रमणकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डबरीपानी के 54 लोगों में जिनके पास हाईकोर्ट का स्टे है, उनके खिलाफ फिलहाल कार्रवाई नहीं की जा रही है। बाकी चिन्हित कब्जाधारियों के अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि सभी चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।


