आरोपित अंश पंडित जेल गेट के बाहर बैठकर मोबाइल से करता दिखा बातचीत।
वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने एएसपी को जांच के आदेश दिए।
जेल अधीक्षक ने एसएसपी को पत्र लिखकर मांगी सख्त कार्रवाई की मांग।
सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। केंद्रीय जेल प्रवेश द्वार के पास आरोपित के मोबाइल से बातचीत करने का वीडियो (Ambikapur Jail Viral Video) इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। एक पुलिस कर्मचारी पर आरोपित को मोबाइल उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है।
अंबिकापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षत सिंह राजपूत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर नवप्रवेशित बंदियों को जेल परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा मोबाइल उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी है और रोकथाम के लिए पुलिसकर्मियों को कड़े निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
दरअसल, आदतन बदमाश अंश पंडित उर्फ जय आदित्य तिवारी का जेल के प्रवेश द्वार (Ambikapur Jail Viral Video) के समीप मोबाइल से बातचीत करते हुए वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ। अंश पंडित पर जिला बदर होने के बावजूद सहायक उप निरीक्षक के घर में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में अंश पंडित के साथ उसके परिचित और रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ आरोपितों को पुलिस पहले ही न्यायालय के आदेश पर जेल भेज चुकी है। वीडियो में वह जेल प्रवेश द्वार के किनारे बैठकर आराम से बात करता नजर आ रहा है। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने ही उसे मोबाइल उपलब्ध कराया था ।
(Ambikapur Jail Viral Video) जेल अधीक्षक ने एसएसपी को लिखा पत्र
केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षत सिंह राजपूत ने अपने पत्र में लिखा है कि जेल परिसर प्रतिबंधित क्षेत्र की श्रेणी में आता है, जहां मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग पूर्णतः वर्जित है। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा जा रहा है कि नवप्रवेश बंदियों को जेल प्रवेश के दौरान पुलिस कर्मचारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अनदेखी की जाती है। इसका ताजा उदाहरण हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो है, जिसमें नवप्रवेश हवालाती बंदी अंश पंडित को पुलिसकर्मियों द्वारा मोबाइल से बात कराते हुए दिखाया गया है।
इस वीडियो से पुलिस व जेल प्रशासन की छवि पर सवाल उठ रहे हैं, जो स्वच्छ प्रशासनिक व्यवस्था के विपरीत है। उन्होंने एसएसपी से अनुरोध किया है कि जेल में दाखिले के समय पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी जाए कि वे परिसर में किसी भी अवैध गतिविधि से दूर रहें।


