सीजी भास्कर, 10 जून : छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद-बीज (Ambikapur Sarguja Urea Seized) की किल्लत से बचाने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सरगुजा जिला प्रशासन ने किसानों से तय कीमत से अधिक दाम वसूलकर खाद बेचने की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया है।
कृषि विभाग की एक विशेष जांच टीम ने औचक दबिश देकर एक कृषि सेवा केंद्र से भारी मात्रा में अवैध रूप से भंडारित 640 बोरी यूरिया खाद जब्त की है। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि किसानों का शोषण करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों की शिकायत पर दौड़ी जिला और ब्लॉक स्तर की टीम
यह पूरी कार्रवाई सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़ा दमाली में हुई। यहां संचालित एक निजी कृषि सेवा केंद्र को लेकर स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की थी कि दुकान संचालक द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित दर (तय रेट) से काफी ऊंची कीमतों पर यूरिया खाद बेची जा रही है।
शिकायत मिलते ही बिना कोई वक्त गंवाए जिला एवं ब्लॉक स्तरीय संयुक्त जांच दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। टीम ने मौके पर मौजूद कई किसानों के बयान दर्ज किए और खाद (Ambikapur Sarguja Urea Seized) की खरीद-बिक्री के दस्तावेजों को खंगाला।
गुप्त गोदाम में छिपाकर रखी गई थी यूरिया की खेप
जांच के दौरान किसानों के बयानों और मौके पर मिले साक्ष्यों से उर्वरक बिक्री में भारी अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद जब टीम ने दुकान के पिछले हिस्से और अघोषित परिसरों (जिस गोदाम की जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी) की तलाशी ली, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां अवैध रूप से छिपाकर रखी गई लगभग 640 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई। नियमों के घोर उल्लंघन और अवैध भंडारण के चलते टीम ने तुरंत पूरी खेप को सील कर जब्त कर लिया।
खरीफ सीजन में कालाबाजारी करने वालों पर रहेगी पैनी नजर
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून के आगमन और खरीफ फसलों की बुआई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को सही दाम पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अवैध भंडारण और कालाबाजारी के जरिए कृत्रिम किल्लत (नकली कमी) पैदा करने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए खाद के हर स्टॉक और वितरण व्यवस्था की कड़ाई से ऑनलाइन और ऑफलाइन निगरानी की जा रही है।
किसान यहां दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत
जिला प्रशासन ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी सहकारी समिति या निजी विक्रेता तय मूल्य से एक भी रुपया ज्यादा मांगता है, या खाद की जमाखोरी करता है, तो उसकी सूचना तुरंत ब्लॉक के कृषि अधिकारी या सीधे जिला कलेक्ट्रेट के शिकायत सेल में दें। प्रशासन ऐसी सूचनाओं पर 24 घंटे के भीतर त्वरित एक्शन लेगा ताकि खेती-किसानी के इस सीजन में अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



