सीजी भास्कर, 24। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अंबिकापुर आगमन के बाद शहर में स्टंटबाजी और हुड़दंग मचाने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। चारपहिया वाहनों की खिड़कियों से लटककर स्टंट करने के मामले में पुलिस ने आठ लग्जरी वाहन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई (Ambikapur Stunt Case) के तहत की गई है।
पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहनों में तीन इनोवा, चार स्कॉर्पियो और एक अर्टिगा कार शामिल है। इसके साथ ही सभी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। स्टंट में शामिल अन्य वाहनों की पहचान और तलाश अभी जारी है। स्टंटबाजी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
यह घटना 23 जनवरी की शाम की है, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। उनके स्वागत में शहर के विभिन्न इलाकों से 15 से अधिक चारपहिया वाहनों का काफिला गांधी चौक पहुंचा। स्वागत कार्यक्रम के बाद युवक वाहनों में सवार होकर गांधी चौक, आकाशवाणी चौक, चोपड़ापारा, चौपाटी और नगर निगम कार्यालय क्षेत्र से गुजरते हुए स्टंटबाजी करने लगे। (Ambikapur Stunt Case) के दौरान युवकों ने वाहन की खिड़कियों पर बैठकर शोर-शराबा किया और मोबाइल से रील भी बनाई।
स्थानीय नागरिकों ने इस खतरनाक स्टंटबाजी के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस को मौखिक सूचना दी। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन नंबरों की पहचान कर आठ वाहनों को जब्त किया गया। कुछ अन्य वाहनों की तलाश अभी जारी है।
प्रकरण में वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 281, 285, 3(5) तथा मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही सभी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। (Ambikapur Stunt Case) में पुलिस आगे भी सख्त कार्रवाई के संकेत दे रही है।
पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि सड़क पर स्टंट करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की जानलेवा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पुलिस ने स्कूल संचालकों और प्राचार्यों की बैठक लेकर फेयरवेल पार्टी के नाम पर होने वाली ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए थे।


