बिलासपुर: Amit Jogi Life Imprisonment 2026 : छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल राम अवतार जग्गी हत्याकांड (2003) में बिलासपुर हाईकोर्ट ने आज एक युगांतरकारी निर्णय सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने निचली अदालत के 17 साल पुराने फैसले को पलटते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के पुत्र और जेसीसीजे (JCCJ) नेता अमित जोगी को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार दिया है।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख: “साजिशकर्ता को बरी करना गलत”
सीबीआई (CBI) द्वारा दायर अपील (ACQA No. 66/2026) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्याय के सिद्धांतों में विरोधाभास नहीं हो सकता।
- असंगत फैसला: कोर्ट ने कहा कि जब एक ही गवाही और साक्ष्यों के आधार पर 28 अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया, तो मुख्य साजिशकर्ता (अमित जोगी) को बरी किया जाना कानूनी रूप से पूरी तरह गलत और असंगत था।
- सजा का ऐलान: अमित जोगी को IPC की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है (अदा न करने पर 6 माह अतिरिक्त जेल)।
2007 के ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा
31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत (एट्रोसिटी) ने इस मामले में अमित जोगी को “सबूतों के अभाव” में बरी कर दिया था, जबकि अन्य 28 आरोपियों (जिनमें चिमन सिंह, याह्या ढेबर और अभय गोयल शामिल थे) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने इस बरी किए जाने के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जो सुप्रीम कोर्ट से होते हुए वापस हाईकोर्ट पहुंची थी।
क्या था राम अवतार जग्गी हत्याकांड?
- तारीख: 4 जून 2003।
- घटना: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के तत्कालीन कोषाध्यक्ष और विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी नेता राम अवतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- आरोपी: इस मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे। इनमें से दो (बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह) सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी सभी 28 अभियुक्तों को पहले ही सजा मिल चुकी थी।
कौन थे राम अवतार जग्गी?
राम अवतार जग्गी छत्तीसगढ़ के एक प्रतिष्ठित कारोबारी और कद्दावर नेता थे। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के दाहिने हाथ माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर एनसीपी का दामन थामा, तब जग्गी ने संगठन को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या ने उस समय की छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
दोषियों की सूची (जिन्हें पहले सजा मिली थी):
जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी के अलावा जो अन्य प्रमुख लोग दोषी पाए गए थे, उनमें शामिल हैं:
- अभय गोयल, याह्या ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी।
- राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी।
- अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया।
- अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, और अन्य।


