सीजी भास्कर, 31 अक्टूबर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी (Amit Jogi Protest) ने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार पर नए विधानसभा भवन के उद्घाटन कार्यक्रम से ‘मिनी माता’ के नाम को हटाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल संवेदनहीन है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, नारी सशक्तिकरण और दलित समाज की अस्मिता पर सीधा प्रहार है।
जोगी ने कहा कि राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पुराने विधानसभा भवन को छत्तीसगढ़ की पहली दलित सांसद मिनी माता के नाम पर समर्पित किया था, ताकि राज्य की राजनीति में सामाजिक समानता और महिला नेतृत्व की पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा, “आज, जब राज्य अपने 25वें स्थापना दिवस पर एक नए विधानसभा भवन (Amit Jogi Protest) का उद्घाटन करने जा रहा है, तब इस निमंत्रण पत्र से मिनी माता का नाम गायब है। यह या तो सुनियोजित राजनीतिक कदम है या फिर एक गंभीर भूल, लेकिन दोनों ही स्थितियों में अस्वीकार्य है।”
छत्तीसगढ़ की बेटी का नाम मिटाना असहनीय है
अमित जोगी ने भावुक लहजे में कहा “मिनी माता छत्तीसगढ़ की बेटी थीं। उन्होंने जीवनभर दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। आज उनका नाम हटाकर सरकार उन मूल्यों का अपमान कर रही है, जिन पर छत्तीसगढ़ की पहचान टिकी है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नए विधानसभा भवन का नाम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रखना चाहते हैं? साथ ही, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से आग्रह किया कि तुरंत एक नया निमंत्रण जारी किया जाए, जिसमें भवन का नाम ‘मिनी माता विधानसभा भवन, नया रायपुर (Amit Jogi Protest)’ के रूप में स्पष्ट रूप से अंकित हो।
बहिष्कार की चेतावनी और निमंत्रण पत्र जलाया
अमित जोगी ने कहा कि अगर “मिनी माता” का नाम पुनः शामिल नहीं किया गया, तो वे इस कार्यक्रम का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के इस उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल न हों। “यदि हमारी मातृशक्ति और छत्तीसगढ़ की अस्मिता के साथ अन्याय हुआ, तो यह सिर्फ एक नाम का नहीं, बल्कि पूरी विचारधारा का अपमान होगा,” उन्होंने कहा।
प्रेस वार्ता के अंत में, अमित जोगी ने नए विधानसभा उद्घाटन कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र जलाकर विरोध (Amit Jogi Protest) दर्ज कराया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा का संकल्प है। जब तक मिनी माता का नाम बहाल नहीं होता, यह संघर्ष जारी रहेगा।”


