सीजी भास्कर, 07 फरवरी | Amit Shah Chhattisgarh Visit : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा के लिए हो रहे इस दौरे पर कांग्रेस द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुलकर जवाब दिया और विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
“नक्सलवाद ही विकास की सबसे बड़ी बाधा”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश के सामने आतंकवाद और नक्सलवाद दो सबसे बड़ी चुनौतियां रही हैं। उनका कहना था कि अमित शाह ने स्पष्ट संकल्प लिया है कि नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा, और इसी उद्देश्य से वे छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य के विकास में अगर कोई सबसे बड़ी रुकावट रही है, तो वह नक्सली हिंसा रही है।
कांग्रेस को करना चाहिए स्वागत
कांग्रेस के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि यह राजनीतिक बयानबाज़ी से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई केंद्रीय नेतृत्व राज्य के हित में आता है, तो सवाल उठाने के बजाय आभार व्यक्त किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ को सुरक्षित और विकसित राज्य बनाने की दिशा में यह दौरा अहम है।
राष्ट्रपति के आगमन से बढ़ा गौरव
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति का बस्तर पहुंचना जनजातीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाने जैसा है।
राजनीति से ऊपर विकास की बात
उन्होंने आगे कहा कि बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नक्सलवाद के कमजोर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को गति मिल रही है, और यही सरकार की प्राथमिकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
अमित शाह के दौरे और राष्ट्रपति की मौजूदगी के बीच राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में नक्सल नीति और विकास मॉडल को लेकर सियासी बहस और गहराने की संभावना है।




