Amitabh Bachchan Pakistani Role : बॉलीवुड में दशकों से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी फिल्मों और टेलीविजन की दुनिया में मजबूती से मौजूद हैं। उम्र चाहे जो भी हो, उनके निर्णय हमेशा चर्चा में रहते हैं। ऐसा ही एक फैसला छह साल पहले लिया गया था, जब उन्होंने एक अहम फिल्म में पाकिस्तानी नागरिक की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया था, जिसकी वजह अब सामने आई है।
जब निर्देशन की पहली उड़ान के लिए आया ऑफर
यह किस्सा उस समय का है जब ऑस्कर सम्मान से नवाज़े जा चुके साउंड डिजाइनर रेसुल पूकुट्टी निर्देशन में कदम रखने की तैयारी कर रहे थे। उनकी प्रस्तावित फिल्म में बिग बी को एक सशक्त किरदार के लिए चुना गया था। कहानी भारत और पाकिस्तान के आम लोगों की जिंदगी, भावनाओं और रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जिसमें (Amitabh Bachchan Pakistani Role) केंद्रीय बिंदु माना जा रहा था।
कहानी से प्रभावित थे अमिताभ, नाम था ‘सर्पकाल’
बताया जाता है कि फिल्म का नाम ‘सर्पकाल’ तय किया गया था और इसका कथानक बाप-बेटे के रिश्ते पर आधारित था। मानवीय संवेदनाओं और शांति के संदेश से भरपूर इस स्क्रिप्ट ने अमिताभ बच्चन को शुरुआती दौर में आकर्षित भी किया। बातचीत सकारात्मक रही और भूमिका के लिए वे लगभग सहमत नजर आए।
बदला माहौल, बदला फैसला
हालात तब बदले जब देश में सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़े बड़े घटनाक्रम सामने आए। भारत-पाकिस्तान संबंधों में आई तल्खी और सामाजिक माहौल को देखते हुए अमिताभ बच्चन ने इस प्रोजेक्ट से दूरी बनाने का निर्णय लिया। यह फैसला किसी पेशेवर असहमति से नहीं, बल्कि परिस्थितियों की गंभीरता को ध्यान में रखकर लिया गया था।
अधूरा रह गया प्रोजेक्ट, कायम रही चर्चा
बिग बी के अलग होने के बाद यह फिल्म आगे नहीं बढ़ सकी और योजना कागज़ों तक ही सीमित रह गई। आज भी यह मामला उनके करियर के उन चुनिंदा पलों में गिना जाता है, जहां उन्होंने लोकप्रियता या चुनौती से ज्यादा समय और हालात की नज़ाकत को तरजीह दी।
जब भूमिका से बड़ा होता है संदर्भ
अमिताभ बच्चन का यह फैसला एक बार फिर दिखाता है कि उनके लिए किसी किरदार की ताकत से ज्यादा उसके सामाजिक और भावनात्मक संदर्भ मायने रखते हैं। (Amitabh Bachchan Pakistani Role) से जुड़ा यह अध्याय भले ही पर्दे पर न आया हो, लेकिन उनके सोचने के तरीके को जरूर उजागर करता है।





