सीजी भास्कर, 16 जनवरी। कच्चे काजू के आयात के नाम पर कारोबारियों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई (Anish Babu Money Laundering Case) की है। एजेंसी ने इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी अनीश बाबू को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि इस ठगी का कुल आंकड़ा करीब 24.76 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।
ईडी के कोच्चि जोनल कार्यालय ने 35 वर्षीय अनीश बाबू, निवासी कोल्लम (केरल), को 14 जनवरी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया। यह कार्रवाई केरल पुलिस और कोल्लम क्राइम ब्रांच में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई।
विदेशी आयात का झांसा, लेकिन न माल मिला न पैसा
जांच एजेंसी के अनुसार, अनीश बाबू ने तंजानिया समेत कई अफ्रीकी देशों से कच्चे काजू के आयात का भरोसा दिलाकर देश के अलग-अलग हिस्सों के काजू कारोबारियों से बड़ी रकम एडवांस (Anish Babu Money Laundering Case) के रूप में वसूली। तय समय पर न तो काजू की खेप आई और न ही निवेशकों की रकम वापस की गई।
कई कंपनियों के जरिए रची गई ठगी की साजिश
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी गतिविधियों को वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों का इस्तेमाल किया। इनमें M/s Bi Southern Trade Ltd (तंजानिया), M/s Praise Exports FZE (शारजाह) और M/s Vazhavila Cashews (कोल्लम) शामिल हैं। इन्हीं संस्थाओं के नाम पर लेन-देन कर कारोबारियों का भरोसा जीता गया।
फर्जी दस्तावेज और नकली बैंक संदेश
पीड़ितों को भरोसे में लेने के लिए आरोपी ने फर्जी बिल ऑफ लेडिंग, नकली SWIFT मैसेज और चेक उपलब्ध कराए। ईडी अधिकारियों का कहना है कि ठगी से प्राप्त धनराशि को विदेशों में भेजकर कई स्तरों पर घुमाया गया, जो स्पष्ट रूप से मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है।
अदालतों से नहीं मिली राहत
अनीश बाबू की अग्रिम जमानत याचिकाएं सेशंस कोर्ट, केरल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट—तीनों स्तरों पर खारिज हो चुकी थीं। 14 जनवरी को पूछताछ के दौरान भी आरोपी ने पैसों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी और टालमटोल वाले जवाब देता रहा, जिसके बाद ईडी ने उसे गिरफ्तार करने का फैसला लिया।
15 जनवरी को आरोपी को PMLA की विशेष अदालत, एर्नाकुलम में पेश (Anish Babu Money Laundering Case) किया गया, जहां से अदालत ने उसे 19 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जांच का दायरा और बढ़ेगा
ईडी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में अन्य लोगों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।
ठगी का पूरा खेल
कच्चे काजू आयात का झांसा
कारोबारियों से 24.76 करोड़ रुपये एडवांस
न माल की आपूर्ति, न रकम की वापसी
ED की कार्रवाई
PMLA के तहत गिरफ्तारी
फर्जी दस्तावेज और नकली बैंक संदेश उजागर
आरोपी न्यायिक हिरासत में


