सीजी भास्कर, 16 सितम्बर। लंबे समय से निजी बस और कैब ऑपरेटर सरकार से जिस सुविधा की मांग कर रहे थे, उस पर अब बड़ी हलचल शुरू हो चुकी है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे लागू किया गया तो करोड़ों यात्रियों और लाखों व्यावसायिक वाहन चालकों (Annual FASTag Pass) को सीधा फायदा मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार अब राज्य परिवहन निगम की बसों और निजी व्यावसायिक वाहनों के लिए भी वार्षिक फास्टैग पास लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अभी तक यह सुविधा केवल निजी कार मालिकों को ही दी जाती थी। मंत्रालय के भीतर इस प्रस्ताव को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा शुरू हो चुकी है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नीति स्पष्ट की जा सकती है।
बस एंड कार ऑपरेटर्स कंफेडरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि देश में कुल बसों का 92 प्रतिशत हिस्सा निजी क्षेत्र के पास है। करीब 20 लाख बसें रोज़ाना संचालन में रहती हैं, जिनसे 32 करोड़ से ज्यादा लोग सफर करते हैं। इसके मुकाबले हवाई यात्रा करने वालों की संख्या केवल 5 लाख और मेट्रो यात्रियों की संख्या लगभग 1.15 करोड़ है। यानी परिवहन की सबसे बड़ी रीढ़ निजी बसें ही हैं। इसके बावजूद ऑपरेटर लगातार शिकायत करते आए हैं कि उन्हें सड़क किनारे पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संगठन से मुलाकात के दौरान संकेत दिए कि जिस तरह निजी कार चालकों के लिए तीन हजार रुपये का वार्षिक फास्टैग पास (Annual FASTag Pass) शुरू किया गया है, उसी तर्ज पर बस और कैब चालकों के लिए भी सुविधा दी जा सकती है। हालांकि, मंत्रालय का कहना है कि व्यावसायिक वाहनों के फेरों की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए पास की राशि कारों से अलग तय करनी पड़ सकती है।
इसके साथ ही मंत्रालय व्यावसायिक वाहनों की अधिकतम गति सीमा को लेकर भी राज्यों के बीच एकरूपता लाने की कोशिश कर रहा है। वर्तमान में कई राज्यों में निजी कारों और व्यावसायिक वाहनों की गति सीमा अलग-अलग है। गडकरी का मानना है कि यह व्यवस्था गलत है और इसे खत्म करना जरूरी है।
यही नहीं, सड़क किनारे इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भी निजी बस ऑपरेटरों को समूह बनाकर आवेदन करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि ऐसे एफपीओ जैसे संगठनों को राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यात्रियों को शौचालय, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिल सकें। (Annual FASTag Pass)यदि यह नीति लागू होती है तो व्यावसायिक वाहनों के लिए यात्रा आसान होगी, ऑपरेटरों की लागत घटेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।


