सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा में शव दफन को लेकर उपजा विवाद बुधवार को हिंसक झड़प में बदल गया। धर्मांतरण (Antagarh Bada Tewda Violence) से जुड़े इस मामले ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच सीधी झड़प हो गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए। पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले के अंतागढ़ के ग्राम सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरु राम (उम्र लगभग 60–70 वर्ष) का रविवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। मौत के बाद जब शव गांव लाया गया, तभी से गांव में असंतोष की स्थिति बनने लगी। परिजनों का कहना था कि मृतक आदिवासी समाज से थे, लेकिन उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था, इसलिए अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाज से किया जाना चाहिए।
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे परिजनों ने समाज की परंपरा के अनुसार कफन-दफन एवं काठी-माठी की अनुमति के लिए ग्राम पटेल और माझी मुखिया से आग्रह किया, लेकिन धर्म परिवर्तन (Antagarh Bada Tewda Violence) का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि मतांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार गांव की पारंपरिक भूमि पर न किया जाए।
विवाद ने पकड़ा उग्र रूप
17 दिसंबर को मामला उस समय और भड़क उठा, जब सर्व आदिवासी समाज, ईसाई समुदाय और भीम आर्मी से जुड़े लोग आमने-सामने आ गए। पक्की कब्र को तोड़ने और शव को बाहर निकालने की मांग को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प (Antagarh Bada Tewda Violence) में तब्दील हो गई।
इस दौरान जमकर धक्का-मुक्की और झूमाझटकी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। झड़प में कई पुलिसकर्मी एवं ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए आमाबेड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चार शवों का जिले से बाहर हुआ अंतिम संस्कार
जिले में धर्मांतरण के बाद शव दफन (Antagarh Bada Tewda Violence) को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पहले चार मामलों में मृतकों का अंतिम संस्कार प्रशासन द्वारा जिले से बाहर कराया जा चुका है। इनमें दुर्गूकोंदल के कोड़ेकुर्से, कांकेर विकासखंड के बेवरती और ग्राम कुरना के मामले शामिल हैं।
स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने बड़े तेवड़ा में भारी पुलिस बल तैनात किया। पहले दिन 80 जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन हालात बिगड़ने पर दूसरे दिन 150 से अधिक पुलिस जवानों को गांव में उतारना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं।
शव को कब्र से बाहर निकालने पर अड़े ग्रामीण
बुधवार को ग्रामीण धर्मांतरित व्यक्ति के शव (Antagarh Bada Tewda Violence) को कब्र से बाहर निकालने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान शव निकालने की कोशिश भी की गई, लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के चलते यह संभव नहीं हो सका। इसी दौरान दोनों पक्षों में फिर झड़प हुई।
आमाबेड़ा क्षेत्र के अंदरूनी गांवों में मतांतरण (Antagarh Bada Tewda Violence) का मुद्दा लगातार सामने आ रहा है। बड़े तेवड़ा की घटना के बाद यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। घटना के बाद पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव बना हुआ है। प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों से संवाद कर शांति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।





