सीजी भास्कर 8 अप्रैल Anthropic Claude Mythos : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में Anthropic ने अपने सबसे घातक और एडवांस मॉडल Claude Mythos Preview की घोषणा कर सनसनी फैला दी है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल अब तक के सबसे शक्तिशाली AI मॉडल्स जैसे क्लाउड ओपस 4.6 और गूगल के जेमिनी 3.1 को भी पीछे छोड़ चुका है। हालांकि, इसकी बेहिसाब शक्ति ही इसकी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, जिसके कारण कंपनी इसे फिलहाल आम जनता के लिए रिलीज करने से कतरा रही है।
साइबर सिक्योरिटी के लिए ‘वरदान’ या ‘अभिशाप’?
एंथ्रोपिक के सीईओ Dario Amodei के नेतृत्व में किए गए दावों के अनुसार, क्लाउड मिथोस इतना इंटेलिजेंट है कि यह ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसी हजारों सुरक्षा कमियों (Vulnerabilities) को पहचान सकता है, जिन्हें इंसान अब तक देख पाने में नाकाम रहे हैं। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि यह गलत हाथों में पड़ जाए, तो इसका इस्तेमाल किसी भी सॉफ्टवेयर को हैक करने या बड़े स्तर पर साइबर हमले करने में किया जा सकता है।
27 साल पुरानी कमजोरी को मिनटों में खोजा
क्लाउड मिथोस की काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने OpenBSD (एक अति-सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टम) में मौजूद 27 साल पुरानी एक सुरक्षा खामी को ढूंढ निकाला। इसके अलावा, इसने लिनक्स कर्नेल (Linux Kernel) में भी कई ऐसी गंभीर कमियां खोजी हैं, जिनका इस्तेमाल कर दुनिया भर के सर्वर्स पर पूरा कंट्रोल हासिल किया जा सकता था। इन खामियों को ‘जीरो-डे वल्नरबिलिटी’ कहा जाता है, जिनसे सॉफ्टवेयर डेवलपर्स पूरी तरह अनजान थे।
40 टेक कंपनियों के साथ मिलकर ‘क्लीन-अप’ मिशन
एंथ्रोपिक ने इसे सार्वजनिक करने से पहले एक सुरक्षा कवच तैयार करने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह वर्तमान में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य 40 से अधिक प्रमुख टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। मकसद यह है कि मिथोस के जरिए पहचानी गई हजारों सुरक्षा कमियों को पहले ठीक किया जाए, ताकि भविष्य में कोई हैकर इनका फायदा न उठा सके।
लीक से हुआ था पहली बार खुलासा
दिलचस्प बात यह है कि ‘क्लाउड मिथोस’ का नाम सबसे पहले एंथ्रोपिक के अपने कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के डेटा लीक के दौरान सामने आया था। उस समय भी विशेषज्ञों ने इसके अब तक का सबसे पावरफुल AI होने का अनुमान लगाया था, जिसकी पुष्टि अब खुद कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए कर दी है। फिलहाल, टेक जगत की नजरें इसके सुरक्षित रोलआउट और इसके द्वारा खोजी जाने वाली नई संभावनाओं पर टिकी हैं।


