सीजी भास्कर, 02 दिसंबर। एप्पल ने अपने पुराने डिवाइसेज़ की विंटेज और ऑब्सोलेट लिस्ट (Apple Vintage List) को अपडेट करते हुए दो बड़े प्रोडक्ट—पहला जनरेशन iPhone SE और iPad Pro 12.9 इंच मॉडल—को इसमें शामिल कर दिया है। इन डिवाइसेज़ को अब एप्पल की ओर से कोई सपोर्ट नहीं मिलेगा, न ही इन्हें अधिकृत सर्विस सेंटर पर रिपेयर कराया जा सकेगा। कंपनी हर साल लगभग सात साल पुराने मॉडलों को इस सूची में जोड़ती है, और इस बार ये दोनों डिवाइस आधिकारिक रूप से “पुराने” घोषित हो गए हैं।
iPhone SE, जिसे 2016 में करीब 39,000 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च (Apple Vintage List) किया गया था, लुक और डिजाइन में iPhone 5 जैसा था और इसे कंपनी का सबसे सस्ता आईफोन माना जाता था। यह 16GB के बेस वेरिएंट में उपलब्ध था और 2018 में बंद कर दिया गया था।
दूसरी ओर, iPad Pro (12.9 इंच) का 2017 मॉडल भी इस नई सूची में है, जिसे कंपनी ने केवल एक साल बाद ही मार्केट से हटा दिया था। इसके बाद 2019 में 10.5 इंच मॉडल लाया गया था। साथ ही, Apple Watch Series 4 के Hermes और Nike एडिशन भी इस बार विंटेज और ऑब्सोलेट श्रेणी में जोड़ दिए गए हैं।
इन डिवाइसेज़ की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनके लिए कोई सॉफ्टवेयर अपडेट (Apple Vintage List) उपलब्ध नहीं होंगे। बिना सुरक्षा अपडेट के पुरानी सिस्टम फाइलें हैकर्स के लिए आसान टारगेट बन जाती हैं। ऐसे में, इन गैजेट्स का इस्तेमाल साइबर जोखिम बढ़ा सकता है। सपोर्ट बंद होने की वजह से न तो रिपेयर की सुविधा मिलेगी और न ही पार्ट्स उपलब्ध होंगे, जिससे डिवाइस की विश्वसनीयता और भी कम हो जाएगी। इसलिए ऐसे पुराने Apple डिवाइसेज़ को रोज़मर्रा के उपयोग में रखना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।






