सीजी भास्कर, 16 जनवरी। जशपुर जिला आरंभ से ही खेल प्रतिभाओं Archery Academy Jashpur) की उपजाऊ भूमि के रूप में जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और समर्पण के बल पर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति, आदिवासी परंपराओं और यहां के खेल प्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में (Archery Academy Jashpur) जिले के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों के निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। विभिन्न खेल आयोजनों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से यहां के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। अब इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए जिले के पण्डरापाठ क्षेत्र में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जा रही है, जो (Archery Academy Jashpur) के रूप में जानी जाएगी।
जशपुर जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। यह कौशल उनकी जीवनशैली और परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है। लंबे समय से इस पारंपरिक प्रतिभा को संगठित प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सन्ना क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित (Archery Academy Jashpur) का उद्देश्य स्थानीय और आदिवासी खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
इस अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अकादमी परिसर में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक तीरंदाजी ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन रूम और गार्ड रूम की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों के लिए आधुनिक उपकरण, परिवहन सुविधा के लिए बस, हाईमास्ट लाइट और अन्य सहायक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे (Archery Academy Jashpur) खिलाड़ियों के लिए एक संपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो सके।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस अकादमी के निर्माण से न केवल तीरंदाजी को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जशपुर जिले में खेल संस्कृति को भी नई दिशा और पहचान मिलेगी। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी, जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते थे, अब अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इससे जिले से भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज निकलने की प्रबल संभावना है और (Archery Academy Jashpur) इस दिशा में एक मजबूत आधार बनेगी।
खिलाड़ियों और नागरिकों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
इस घोषणा के बाद जशपुर के खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का सशक्त माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक खेल अधोसंरचना पहुंचाना प्रमुख रहा है। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि (Archery Academy Jashpur) के निर्माण से जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हो सकेंगे।
खेल प्रेमियों का यह भी कहना है कि यह पहल केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। इससे जिले में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होगा और युवा नशे व भटकाव से दूर रहकर खेलों को अपना करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। इस प्रकार (Archery Academy Jashpur) जशपुर को खेल मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


