सीजी भास्कर, 15 मार्च। देश के पांच अहम राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर आज सियासी हलचल और तेज होने (Assembly Elections 2026) वाली है। भारतीय निर्वाचन आयोग रविवार, 15 मार्च 2026, शाम करीब 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयोग ने इसी उद्देश्य से मीडिया ब्रीफिंग तय की है, जिससे इन राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू होने का रास्ता भी साफ हो सकता है।
इन पांचों क्षेत्रों में चुनाव कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें तेज थीं, लेकिन अब नजरें आयोग की औपचारिक घोषणा पर टिक गई हैं। हालिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की टीम ने चुनावी तैयारियों, प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की दिशा में काम पूरा कर लिया है। आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदान की तारीखें, चरणों की संख्या, मतगणना की संभावित तिथि और नामांकन से जुड़ा पूरा कैलेंडर सामने आ सकता है।
सबसे ज्यादा नजर पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई है, क्योंकि वहां चुनाव कितने चरणों में होंगे, यही इस घोषणा का सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत माना (Assembly Elections 2026) जा रहा है। पिछली बार 2021 में पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराया गया था। हालांकि इस बार चरणों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में 4 से 8 चरणों की संभावना जताई गई है, वहीं हाल के राजनीतिक परामर्श में कुछ दलों ने आयोग से एक, दो या अधिकतम तीन चरणों में मतदान कराने की मांग भी की है। इसलिए अंतिम तस्वीर सिर्फ चुनाव आयोग की घोषणा के बाद ही साफ होगी।
असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अपेक्षाकृत कम चरणों में मतदान होने की संभावना जताई जा रही है। 2021 के चुनाव में असम में तीन चरणों में वोटिंग हुई थी, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ था। इसी पिछले चुनावी पैटर्न को देखते हुए इस बार भी इन राज्यों में एक से तीन चरणों का फॉर्मूला अपनाए जाने की चर्चा है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला आयोग ही करेगा।
पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था भी इस चुनाव का बड़ा मुद्दा बनी हुई है। कई रिपोर्टों में राज्य को संवेदनशील मानते हुए केंद्रीय बलों की बड़ी तैनाती की संभावना जताई गई है, लेकिन आपके इनपुट में उल्लिखित “लगभग 480 बटालियन” के आंकड़े की मुझे अभी कोई स्वतंत्र, विश्वसनीय आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली। इसलिए इस संख्या को तथ्य की तरह लिखना ठीक नहीं होगा। इतना जरूर कहा जा सकता है कि बंगाल में सुरक्षा बलों की तैनाती चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद चरणवार जरूरत के हिसाब से बढ़ाई जा सकती है।
चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही पांचों क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की रणनीति खुलकर सामने (Assembly Elections 2026) आने लगेगी। उम्मीदवार चयन, गठबंधन समीकरण, प्रचार अभियान और मुद्दों की धार अब और तेज होगी। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ तारीखों की घोषणा नहीं होगी, बल्कि यह उन राज्यों में अगले कुछ हफ्तों के राजनीतिक तापमान का भी संकेत देगी, जहां सत्ता की जंग सीधे जनादेश तक पहुंचने वाली है।





