सीजी भास्कर, 17 मार्च। छत्तीसगढ़ की राजनीति आज एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की ओर बढ़ (Assembly Gherao) रही है, जहां कांग्रेस पार्टी मनरेगा, गैस सिलेंडर की कीमतों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रही है। इसे सिर्फ विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ व्यापक जनआक्रोश दिखाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सोमवार को राजधानी में हुई तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साफ संकेत दिए कि यह आंदोलन कई मुद्दों को एक साथ जोड़कर बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाला होगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के स्वरूप में बदलाव की आशंका, बिजली दरों में बढ़ोतरी, धान खरीदी में वादाखिलाफी, बढ़ती महंगाई और कानून व्यवस्था की स्थिति जैसे मुद्दे जनता के बीच गूंज रहे हैं, जिन्हें लेकर पार्टी सड़कों पर उतर रही है।
बड़े चेहरे मैदान में, राष्ट्रीय स्तर तक संदेश देने की तैयारी
इस प्रदर्शन को खास बनाने के लिए कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेतृत्व को भी मैदान (Assembly Gherao) में उतारा है। सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी इस घेराव को और अधिक राजनीतिक वजन दे रही है।
पार्टी का दावा है कि प्रदेशभर से 30 हजार से अधिक कार्यकर्ता राजधानी पहुंच रहे हैं, जिससे यह प्रदर्शन एक बड़े जनसमूह में तब्दील होने की संभावना है।
भारत माता चौक से विधानसभा तकतय रूट पर कूच
कांग्रेस कार्यकर्ता राजधानी के शंकर नगर स्थित केनाल रोड पर भारत माता चौक में एकत्र होंगे। यहां सभा के बाद दोपहर करीब 12 बजे विधानसभा की ओर कूच शुरू किया जाएगा। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विधानसभा तक पहुंचेगी, जिससे राजधानी के कई हिस्सों में आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है।
ट्रैफिक पर असर, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। केनाल रोड पर शांति नगर तिराहा से भारत माता चौक और आगे आनंद नगर चौक तक यातायात प्रभावित रहेगा।
पंडरी की ओर से आने वाले वाहनों को शांति नगर से डायवर्ट कर मधु पिल्ले चौक और आईजी कार्यालय गली से शंकर नगर की ओर भेजा (Assembly Gherao) जाएगा। वहीं, आनंद नगर से पंडरी जाने वालों के लिए भगत सिंह चौक, अंबेडकर चौक और ऑक्सीजोन मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में चिन्हित किया गया है।
सियासी संदेश क्या है?
यह घेराव सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। कांग्रेस इसे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का बड़ा मौका मान रही है, वहीं सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया भी इस पर नजर बनाए हुए है।





