सीजी भास्कर, 3 जनवरी। छत्तीसगढ़ के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल Atal Bihari Vajpayee Vishwavidyalaya को अगले महीने नया कुलपति मिलने की पूरी संभावना है। कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है और राजभवन के निर्देश के बाद चयन प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि तक देशभर से करीब 90 से अधिक शिक्षाविदों ने कुलपति पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।
मौजूदा कुलपति Arun Diwakar Nath Vajpayee का कार्यकाल 16 फरवरी को समाप्त (Atal University Vice Chancellor Appointment) हो रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य शासन दोनों ही समयसीमा के भीतर नई नियुक्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
तीन सदस्यीय समिति करेगी चयन
कुलपति पद के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच अब तीन सदस्यीय चयन समिति करेगी। इस समिति में राजभवन और राज्य शासन द्वारा नामित सदस्य शामिल हैं, जबकि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद से भी एक सदस्य को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
पहले चरण में आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक अनुभव और नियमानुसार पात्रता को परखा (Atal University Vice Chancellor Appointment) जाएगा। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
तीन नामों का पैनल जाएगा राजभवन
साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति तीन योग्य नामों का पैनल तैयार कर Raj Bhavan Chhattisgarh को भेजेगी। अंतिम निर्णय और नियुक्ति आदेश राजभवन की ओर से जारी किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा कुलपति को सेवा विस्तार देने को लेकर राजभवन की ओर से रुचि नहीं दिखाई गई, जिसके चलते समय रहते नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
NAAC मूल्यांकन से पहले अहम नियुक्ति
अटल विश्वविद्यालय ने हाल ही में 12-बी की मान्यता हासिल की है और अब NAAC मूल्यांकन की तैयारी कर रहा है। ऐसे में नए कुलपति की भूमिका विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नए कुलपति से अपेक्षा है कि वे रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, अकादमिक क्वालिटी और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देंगे। विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षाविदों का मानना (Atal University Vice Chancellor Appointment) है कि यह नियुक्ति आने वाले वर्षों के शैक्षणिक रोडमैप को तय करने वाली साबित होगी।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
कुलपति के नए नेतृत्व में अटल विश्वविद्यालय में लंबित शैक्षणिक और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, शोध गतिविधियों का विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने पर फोकस रहने की संभावना है।


