सीजी भास्कर, 29 सितंबर। महिला-पुरुष समानता और शिक्षा-रोजगार के अवसरों ने समाज में विवाह (Average Marriage Age India) की उम्र को लेकर बड़ा बदलाव किया है। जनगणना निदेशालय की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस)-2023 रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में 62.5 प्रतिशत लड़कियां अब 21 वर्ष की आयु के बाद ही विवाह कर रही हैं। इनका औसत विवाह आयु 23 वर्ष 8 माह यानी लगभग 23.8 वर्ष है।
यह आंकड़ा 2020 की तुलना में कहीं बेहतर है। तब केवल 56 प्रतिशत लड़कियां 21 के बाद शादी करती थीं, यानी तीन साल में यह अनुपात 6.5 प्रतिशत बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रामीण (Average Marriage Age India) और शहरी क्षेत्रों के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। ग्रामीण इलाकों में 57.5% और शहरी इलाकों में 80.2% लड़कियां 21 वर्ष के बाद शादी करना पसंद करती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 72.2% है। यानी मध्य प्रदेश अभी कई राज्यों से पीछे है। उत्तराखंड (Average Marriage Age India) में यह आंकड़ा 84.2%, पंजाब में 83%, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में 81%, केरल में 80%, महाराष्ट्र में 78%, राजस्थान में 75.9% और गुजरात में 74.9% है। वहीं, ओडिशा 70%, बिहार 62.4% और झारखंड 53.9% पर है। पश्चिम बंगाल का औसत 48.8% दर्ज हुआ।
एसआरएस-2023 के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु में होने वाले विवाहों की स्थिति में खास बदलाव नहीं आया है। वर्ष 2020 में जहां 2.1% लड़कियों की शादी 18 से पहले हो रही थी, वहीं 2023 में यह घटकर 2% हो गई। हालांकि 18 से 20 वर्ष की आयु में विवाह का अनुपात 41.7% से घटकर 35.6% रह गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और नौकरी के अवसर बढ़ने से शादी की उम्र में बढ़ोतरी हो रही है। यह बदलाव बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई पर भी अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकता है।


