सीजी भास्कर, 13 दिसंबर। बांग्लादेश में आगामी साल 2026 के फरवरी महीने में आम चुनाव होने है, लेकिन चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग (Awami League) को चुनाव लड़ने से रोक दिया है, जो बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी है। आपको बता दें बीते साल 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना पीएम पद अपदस्थ हो गई, उनके हटने के बाद ये दक्षिण एशियाई देश का पहला चुनाव होगा।
छात्र आंदोलन के नेताओं विद्रोह के बाद नेशनल सिटिजन पार्टी(एनसीपी) नई पार्टी (Awami League) बनाई है।एनसीपी हसीना सरकार के खिलाफ मिले जनसमर्थन को वोट में बदलने में संघर्ष कर रही है।
सर्वेक्षण में एनसीपी को बीएनपी और जमात से काफी पीछे दिखाया हैं। घातक हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद आम बांग्लादेशी नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार की अगुवाई में लोकतांत्रिक शासन बहाली की उम्मीद कर रहे हैं।
चुनाव में 17.3 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव में जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की मांग है।
भारत-बांग्लादेश संबंध भी इस चुनाव में अहम मुद्दा है। चुनाव सुगबुगाहट में हसीना सरकार में प्रतिबंधित इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी छात्रों के विद्रोह के बाद फिर से एक्टिव हो गई है।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी चुनाव की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) आगामी आम चुनाव के चुनावी माहौल में सबसे आगे है। अमेरिकी इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट के दिसंबर सर्वे में बीएनपी के सबसे ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाया है।






