Ayodhya Mosque Design: नया नक्शा तैयार
अयोध्या के धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पहले जिस डिजाइन को विदेशी शैली पर आधारित बनाकर जमा किया गया था, उसे अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मंजूरी नहीं दी थी। अब ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि मस्जिद का नया नक्शा पूरी तरह अवधी आर्किटेक्चर पर आधारित होगा। इसमें पांच मीनारें और एक भव्य पारंपरिक गुंबद शामिल होगा।
क्यों खारिज हुआ पुराना नक्शा?
धन्नीपुर में आवंटित 5 एकड़ की जमीन पर मस्जिद के साथ-साथ एक अस्पताल और लाइब्रेरी बनाने की भी योजना है। हालांकि, पहले जो डिजाइन जमा किया गया था उसे अग्निशमन विभाग और कुछ अन्य सरकारी संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिला। इसी वजह से Ayodhya Mosque Design पास नहीं हो सका और एडीए ने नक्शा खारिज कर दिया।
Ayodhya Mosque Design: नया नक्शा, नई उम्मीद
मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफर अहमद फारुकी ने बताया कि समाज के लोग भी पुराने डिजाइन से खुश नहीं थे। उनका कहना है कि अवधी संस्कृति की झलक दिखाने वाला नया नक्शा लोगों की भावनाओं के अनुरूप होगा। आर्किटेक्ट्स इस पर काम कर रहे हैं और अगले एक-दो महीनों में इसे एडीए को दोबारा जमा किया जाएगा।
2019 के फैसले के बाद मिली जमीन
गौरतलब है कि 9 नवंबर 2019 को देश की सर्वोच्च अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में 5 एकड़ भूमि देने का आदेश दिया था। इसी आदेश के बाद धन्नीपुर गांव में यह जमीन आवंटित की गई और यहीं पर Ayodhya Mosque Design के अनुसार मस्जिद का निर्माण किया जाना है।
स्थानीय लोगों की राय
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नई मस्जिद अगर अवधी शैली में बनेगी तो यह न केवल धार्मिक महत्व रखेगी बल्कि सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी होगी। गुंबद और मीनारों वाली संरचना पारंपरिक वास्तुकला को जीवंत करेगी और आने वाले समय में धन्नीपुर मस्जिद पर्यटन और शोध का भी केंद्र बन सकती है।


