सीजी भास्कर, 14 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बुधवार को एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला, जब जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सत्र न्यायालय से जमानत (Baleshwar Sahu Bail) मिल गई। जमानत के बाद जब वह जिला जेल से बाहर आए, तो उनके हाथों में संविधान की प्रति और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर थी—जिसे लेकर उन्होंने एक प्रतीकात्मक संदेश देने की कोशिश की।
विधायक साहू 9 जनवरी को धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किए गए थे और उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। अब कोर्ट से राहत मिलने के बाद वे जेल से रिहा हो गए हैं।
KCC लोन के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
बालेश्वर साहू पर एक किसान से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के नाम पर 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। यह मामला उस समय का बताया (Baleshwar Sahu Bail) जा रहा है, जब वे बम्हनीडीह सहकारी समिति में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।
आरोप है कि विधायक साहू ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर पीड़ित किसान के बैंक खाते से वर्ष 2015 से 2020 के बीच अलग-अलग किस्तों में रकम निकाली। इसके लिए किसान के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया गया।
किसान की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR
इस पूरे मामले की शुरुआत अक्टूबर माह में हुई, जब पीड़ित किसान राजकुमार शर्मा ने चाम्पा थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद विधायक बालेश्वर साहू और उनके सहयोगी गौतम राठौर के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस केस में गौतम राठौर की पहले ही गिरफ्तारी (Baleshwar Sahu Bail) हो चुकी है, जबकि विधायक साहू को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जिला न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जमानत के बाद राजनीतिक संकेत
जेल से बाहर निकलते समय संविधान और डॉ. आंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर सामने आना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। समर्थकों का कहना है कि विधायक ने यह कदम लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था में आस्था दिखाने के लिए उठाया, वहीं विरोधी इसे एक राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
जांच और ट्रायल रहेगा जारी
कानूनी जानकारों के अनुसार, जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। कोर्ट में केस की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और तथ्य सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।


