Balod Judge Death Threat : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) को जान से मारने की धमकी दी गई है। गुंडरदेही में पदस्थ न्यायाधीश प्रशांत कुमार देवांगन को डाक के जरिए मिले एक संदिग्ध पत्र ने पूरे प्रशासनिक और न्यायिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। खुद को ‘नक्सली संगठन’ का बताने वाले प्रेषक ने जज से 3 करोड़ रुपये की मांग की है और पैसा न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
“3 करोड़ दो, वरना मरने को तैयार रहो”
मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 27 मार्च को दोपहर में एक पोस्टमैन के जरिए उन्हें एक बंद लिफाफा मिला। पत्र के अंदर की भाषा बेहद आक्रामक और डराने वाली थी। पत्र में लिखा था:
“हमें फिरौती चाहिए, नहीं तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे। तुम रिश्वत खाकर गलत आदेश देते हो और गरीबों को बर्बाद करते हो। 3 करोड़ रुपये दो, वरना मरने के लिए तैयार रहो। हम नक्सली बस्तर, कांकेर, उड़ीसा और झारखंड में रहते हैं।”
पत्र में आगे यह भी आरोप लगाया गया कि बाबू (अदालती कर्मचारी) फाइलें गायब कर गरीबों को परेशान कर रहे हैं और जज अपनी पावर का दुरुपयोग कर रहे हैं। पत्र के अंत में लिखा था— “तुम्हारा शुभचिंतक, तुम्हारी मौत, नक्सली संगठन।”
पुलिस की जांच: नक्सली साजिश या शरारत?
गुंडरदेही थाने में मामला दर्ज होने के बाद बालोद पुलिस और साइबर सेल अलर्ट मोड पर है। पुलिस अब दो प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- क्या यह वास्तव में बस्तर या कांकेर के नक्सली संगठनों का काम है?
- या फिर किसी ऐसे व्यक्ति की साजिश है जिसका फैसला जज के खिलाफ आया हो या जो निजी रंजिश रखता हो?
प्रारंभिक तौर पर पत्र की भाषा और फिरौती की भारी-भरकम मांग को देखते हुए पुलिस इसे किसी शरारती तत्व की करतूत भी मान रही है, लेकिन मजिस्ट्रेट की सुरक्षा को देखते हुए कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक अधिकारी के निवास और कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की टीमें उस डाकघर का भी पता लगा रही हैं जहां से यह पत्र पोस्ट किया गया था। बालोद एसपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी को ट्रैक कर लिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में किसी जज को इस तरह सीधे तौर पर नक्सली नाम से धमकी मिलने का यह दुर्लभ और गंभीर मामला है।


