सीजी भास्कर, 22 मार्च। धान खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी का एक और मामला सामने (Baloda Bazar Fraud Case) आया है, जहां बिना धान खरीदी केंद्र पहुंचे ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भुगतान निकाल लिया गया। इस मामले में पहले समिति प्रबंधक की गिरफ्तारी हो चुकी थी, अब पुलिस ने उसके फरार भाई को भी दबोच लिया है।
मामला पलारी थाना क्षेत्र का है, जहां धान खरीदी केंद्र खरतोरा में कथित तौर पर टोकन जारी कर फर्जी तौल पत्रक बनाकर ऑनलाइन एंट्री के जरिए रकम निकाली गई।
बिना धान पहुंचे ही कर दी पूरी प्रोसेस
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने 21 जनवरी 2026 को अपने ही भाई के नाम पर टोकन (Baloda Bazar Fraud Case) जारी किया। इसके बाद 53 कट्टा (करीब 21.20 क्विंटल) धान की फर्जी तौल दिखाकर सिस्टम में एंट्री कर दी गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि
धान केंद्र तक पहुंचा ही नहीं
फिर भी तौल पत्रक बना
और उसी दिन भुगतान भी ले लिया गया
इस गड़बड़ी से शासन को करीब 50,200 रुपये का नुकसान हुआ।
पहले प्रबंधक पकड़ा गया, अब भाई गिरफ्तार
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समिति प्रबंधक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि उसका भाई लंबे समय से फरार था।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी संतोष कुमार गेंडरे (56 वर्ष) को रायपुर से पकड़ लिया। आरोपी मूल रूप से पलारी क्षेत्र का निवासी है और शहर में छिपकर रह रहा था।
जांच में खुल रहे नए पहलू
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में डिजिटल एंट्री और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस तरह के और भी फर्जीवाड़े सामने आ सकते हैं।


