सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। बलौदाबाजार जिले में दीपावली से पहले महिला उत्पीड़न जांच समिति बनाने के नाम पर व्यापारियों से अवैध रूप से धन वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत (Balodabazar Corruption Case) को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने तत्काल प्रभाव से जांच समिति गठित कर एक दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की ओर से भ्रष्टाचार पर सख्ती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ।
एसडीएम की अध्यक्षता में बनी जांच समिति
जारी आदेश के अनुसार, गठित समिति में एसडीएम बलौदाबाजार को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि मुख्य नगरपालिका अधिकारी बलौदाबाजार और सहायक श्रम पदाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायत की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तथ्यात्मक जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश करें।
श्रम विभाग के अधिकारियों पर आरोप
प्राप्त शिकायतों के अनुसार, श्रम विभाग के कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने महिला उत्पीड़न जांच समिति गठन के नाम पर व्यापारियों से धन वसूलने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई दीपावली त्यौहार से पहले जबरन वसूली के रूप में की जा रही थी, जिससे व्यापारिक समुदाय में रोष व्याप्त है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा है कि इस तरह की शिकायतें प्रशासन की छवि को धूमिल करती हैं और यदि जांच में आरोप सही पाए गए, तो संलिप्त अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की किसी भी योजना या समिति के नाम पर अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर निलंबन या विभागीय जांच की कार्यवाही संभव है।


