सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नीरनिधि नन्देहा (Balrampur Ration Scam Case) ने जानकारी दी कि विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम महुली स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक उमाशंकर जायसवाल के खिलाफ खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता सामने आई है। प्राप्त शिकायत और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि संचालक ने फर्जी तरीके से लगभग 87,488 रुपये मूल्य के खाद्यान्न का उठाव किया। इस घोटाले के सामने आने के बाद प्रशासन ने संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
खाद्य निरीक्षक द्वारा की गई जांच (Balrampur Ration Scam Case) में यह स्पष्ट हुआ कि संचालक उमाशंकर जायसवाल ने मृत व्यक्तियों के राशनकार्ड में खुद को या अपने परिजनों को सदस्य के रूप में जोड़ा और वर्षों तक राशन उठाता रहा। मृतक रामवृक्ष पंडो के निधन के बाद अगस्त 2024 से जायसवाल ने खुद को उनके पोते के रूप में जोड़कर राशन लिया। इसी तरह, मृतक राधिका निवासी ग्राम महुली के राशनकार्ड में जनवरी 2024 से अपना नाम जोड़कर राशन उठाया गया। वहीं, मृतक दुलारो के राशनकार्ड में अपने भाई विशाल जायसवाल का नाम “पोते” के रूप में दर्ज कराकर खाद्यान्न का उठाव किया गया।
उमाशंकर जायसवाल (Balrampur Ration Scam Case) के द्वारा फर्जी तरीके से लगभग 19-25 क्विंटल चावल, 55 किलोग्राम शक्कर और 110 किलोग्राम चना का उठाव किया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार इसका बाजार मूल्य लगभग 87,488 रुपये आंका गया है। ग्राम महुली निवासी यह संचालक शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन में गंभीर अनियमितता करते पाया गया है, जो छत्तीसगढ़ राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
प्रशासन ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध माना है। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों का पुनः निरीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां न हो सकें।


